Friday, March 31, 2017

शाही अंदाज में निकली गणगौर की सवारी। Royal Rajasthan Gangour Festival.

शाही अंदाज में निकली गणगौर की सवारी।
30 मार्च, 2017 शाम 6 बजे। तिरपोलिया गेट (City Place) सड़क के दोनों और देसी विदेशी दर्शकों की भीड़। तिरपोलिया गेट से लेकर, तिरपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार,छोटी चोपड़, बड़ी चौपड़, तक का रास्ता पैदल यात्रियों के अलावा सभी तरह के वाहनों के लिए बिलकुल बंद कर दिया गया था। मौका था जयपुर की शाही गणगौर सवारी का। सड़क के दोनों और देसी विदेशी दर्शकों का हुजूम। बच्चे, बूढ़े,जवान, मर्द, औरतें सब इंतजार कर रहे थे जयपुर की शाही सवारी का।
जयपुर 2017 


खास आकर्षण। 
आप को जानकर आश्चर्य होगा की इस शाही सवारी में सालों से परम्परागत रूप से जो कार्यक्रम चला आ रहा है, उसे अब राजस्थान पर्यटन विभाग,जिला प्रशासन, सवाई मानसिंह द्वितीय संग्राहलय ट्रस्ट, नगर निगम जयपुर मिलकर निभा रहे है। इस शाही सवारी के मुख्य आकर्षण इसमें शामिल गणगौर के पारम्परिक जुलुस के साथ कच्ची घोड़ी नृत्य,कालबेलिया नृत्य,बहुरूपिया,अलगोजा,गैर,चकरी नृत्य आदि है। जुलुस के साथ जयपुर के मशहूर बैंड अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां देते हुए साथ साथ चलते है। इनमें एशिया प्रसिद्ध जिया बैंड जुलुस के ठीक आगे आगे चलता है। जिया बैंड अपनी मन को लुभाने वाली धुनों से आगन्तुक देसी विदेशी सैलानियों को झूमने पर मजबूर कर देता है।
जुलुस के साथ हाथी, घोड़े,ऊँट, पालकी,तथा दोनों और पारम्परिक वेशभूषा में चल रहे दरबान हाथों में मशाल लिए उस ऐतेहासिक ज़माने की यादें ताजा कर देते है,जो राजस्थान की पहचान है। इन सब को देखकर ऐसा लगता है, जैसे सदियों पहले का राजसी ठाट-बाट का ज़माना लौट आया हो। इस उत्सव को सफल बनाने में जयपुर के स्थानीय निवासी कभी कोई कसर नहीं छोडते। जुलुस का जगह जगह फूलों की बरसात से स्वागत, दर्शकों के लिए जगह जगह पर ठंडाई, कहीं पर घेवर तो कही पर मिल्क रोज की व्यवस्था स्थानीय निवासियों की और से की गई। जो इस उत्सव को देखने आने वालों का उत्साह दुगुना कर रही थी।
जयपुर 2017 


गणगौर के त्यौहार का इतिहास। 
गणगौर राजस्थान में आस्था,प्रेम,व पारिवारिक सौहार्द का त्यौहार है। राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश के कुछ भाग जो राजस्थान की सीमा से लगता हुवा है, में मुख्य रूप से मनाया जाता है। गणगौर चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया को आता है। इस त्यौहार की पूजा 16 दिन पहले से ही शुरू हो जाती है। 16 दिन पहले से ही कुंवारी लडकिया व विवाहित महिलाएं इसकी पूजा शुरू कर देती है। कुंवारी लडकिया अच्छे वर के लिए तो विवाहित महिलाएं अपने सुहाग की मंगल कामना के लिए गण (इसर) व गौर (पार्वती) की पूजा करती है। 16 दिन पहले ही मिट्टी से सांकेतिक रूप से इसर व गौरी की मूर्तियां बना लेती है। इन मिट्टी की मूर्तियों को मिट्टी के पक्के हुए बर्तन जिसे स्थानीय भाषा में झावली कहते है, उसमें सजा लेती है। रोज सुबह नहा धोकर सज संवर कर पूजा करती हैं। पूजा में पानी से भरे हुए कलश में दूब रखकर गीत गाते (गौर गौर गोमती) हुए पूजा करती है। दूब से इन मूर्तियों के पानी के छींटे मारते हुए समूह में ये गीत गाती है।
माना जाता है की होलिका दहन के दूसरे दिन माता गवरजा (पार्वती) अपने पीहर आती है। आठ दिन बाद इसर (भगवान शिव) उन्हें वापस लेने आते है, लेकिन चैत्र शुक्ल की तृतीया को गणगौर के रूप में उनकी विदाई होती है।
पूरे राजस्थान में गणगौर पूजा एक आवश्यक वैवाहिक रस्म भी माना जाता है। हर वैवाहिक स्त्री को अपने जीवन काल में इसका उजवन करना आवश्यक होता है। अगर किन्ही अपरिहार्य कारणों से उजवन से पहले विवाहिता की म्रत्यु हो जाती है, तो अंतिम संस्कार से पहले उसके परिवार वाले इस रस्म को पूरा करते है।
गणगौर पूजन में जो स्त्री उजवन करती है, उसे 16 कुंवारी लड़कियों को न्योता (दातुन) देना पड़ता है। वो सोलह कुंवारी लड़कियां उसकी गौरनी कहलाती है। एक छोटे लड़के को बिंदायक जी के प्रतीक के रूप में इस पूजा में शामिल किया जाता है।
16 दिन की पूजा के बाद जो स्त्री उजवन करती है,वह अपने घर पर इन 16 कन्याओं के लिए अच्छे भोजन की व्यवस्था करती है। फिर उसी दिन शाम को बड़े उत्साह से उन मूर्तियों को समूह में गीत गाते हुए विसर्जित कर दिया जाता है, और प्रार्थना की जाती है, कि हे गौर माता इस वर्ष की भांति अगले वर्ष भी आना।
और इस प्रकार अपने राजस्थान की कहावत "तीज त्यौहारां बावड़ी, ले डूबी गणगौर" यानि की श्रावण मास की तीज से पहले अब कोई त्यौहार नहीं होगा। श्रावण मास की तीज जिसे कजली तीज भी कहते है, उस दिन से त्योहारों की वापसी होती है। गणगौर विसर्जन के साथ त्योहारों पर चार महीने का विराम लग जाता है। इसलिए उपरोक्त कहावत चरितार्थ हो जाती है।

खासकर राजस्थान से बाहर के पाठकों से अनुरोध है, की जानकारी अच्छी लगे तो अपने घर की महिला सदस्यों के साथ जरूर शेयर करें।

धन्यवाद !
   

Wednesday, March 29, 2017

गर्मी की छुट्टी और आपके बच्चे। Summer vacation & your kids

गर्मी की छुट्टी और आपके बच्चे। 
गर्मियों की छुटियाँ स्टार्ट होने वाली है। बच्चों की छुट्टियों में अक्सर हम कहीं न कहीं घूमने का प्लान बनाते है। अब घूमना तो 5-10 दिन का हो सकता है। लेकिन छुटियाँ लंबी होती है। तो इन लंबी छुटियों में क्या करें, कि बच्चों के समय का सही सदुपयोग हो सके। 
बच्चे 

बच्चे 


1. सबसे पहले आप उनसे उनकी चॉइस के 10 टॉपिक चुनने के लिए कहें। 
सबसे पहले आप अपने बच्चों से इस बारे में सवाल करे ? आप जब बच्चों से इस तरह से पूछेंगे तो उन के मन में जिज्ञासा होगी कि, कुछ नया होने वाला है। आप बच्चों से कहे कि, वे अपनी अपनी 10 एक्टिविटी लिख कर लाएं, जो वे इन छुट्टियों में करना पसंद करेंगे। अब आप यकीन मानिये बच्चे इस कार्य को बड़ी ईमानदारी से करके लाएंगे। 

2. आप के 2 या 2 से ज्यादा बच्चे है तो उन सब की चॉइस में से कॉमन चॉइस सेलेक्ट करें। 
अब आप बच्चों के द्वारा लिख कर लाये गए उन के टॉपिक्स को ध्यान से देखें। इस दौरान कोशिश करें की बच्चे आप के पास हो। साथ साथ बच्चों की प्रशंशा करें कि, वाह ! क्या आईडिया है। इससे बच्चों में मनोबल बढ़ेगा। अब आप बच्चों को ये समझाते हुए एक लिस्ट तैयार करें कि ये पॉइंट आप दोनों के कॉमन है। कॉमन पॉइंट को आप अलग करते जाएँ। अब आप के पास दोनों की एक कॉमन लिस्ट हो गयी। 

3 अब कॉमन सिलेक्टेड चॉइस पर वर्क आउट करें। 
अब कॉमन लिस्ट पर बच्चों के साथ वर्क आउट करें। उन्हें ये समझने में मदद करें की ये काम करने से आप को क्या फायदा होगा। इससे आप को क्या सीखने को मिलेगा आदि। कोशिश करें की उस लिस्ट में 10 के करीब ऐसे पॉइंट हो जो बच्चे आसानी से पुरे दिन में कर सके। 

4. टॉप चॉइस को प्राथमिकता दे। 
अब उस लिस्ट में से जो टॉप चॉइस हो उसे प्राथमिकता से करने में बच्चों की मदद करें। बच्चों को बताएं की ये काम कब करना है।  जैसे कोई काम सुबह शाम के हिसाब से करना सही रहता है तो उसे उसी टाइम टेबल के हिसाब से करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें। 

5. टाइम टेबल बनायें। 
 ये सारी एक्सरसाइज करने के लिए आप बच्चों से ही एक टाइम टेबल बनवाएं। जैसे बच्चों ने अपनी लिस्ट में लिखा हो कि, उन्हें पार्क में घूमना है। तो आप इसको इस तरह से बनाएं कि बच्चे सुबह जल्दी उठ कर पार्क में या मॉर्निंग वॉक कर सके। 

6. टाइम टेबल कैसे बनायें?
सबसे पहले टाइम टेबल में उनके उठने की शर्त के साथ ये लिखवा दे की सुबह 6 बजे उठना है तो उठना ही है। ये काम बच्चों से करवाएं, ताकि उनमें जिम्मेदारी की भावना का विकास हो। 

7. मॉर्निंग वॉक। 
सुबह का 1 या 1.30 घंटे इस काम के लिए निश्चित कर दे। इससे आप को एक फायदा ये होगा कि आप उनके घूमने जाने के बाद घर के रोजमर्रा के काम आसानी से निपटा सकती है। 
जब तक आप इन कामों से फुर्सत में आएंगी तब बच्चों के आने का समय हो जायेगा। 

8. ब्रेकफास्ट। 
अब आप को उनके आते ही उन्हें दूसरे कामों में बड़ी चतुराई से लगाना है। क्योंकि छुटियाँ होने की वजह से उनमें आलस आ जाता है, और ये उनकी दिनचर्या में शामिल न हो जाये, इसलिए उन्हें आते ही फ्रेश होने के लिए बोले और कहें की में तब तक नाश्ता बना देती हूँ। न नुकर करें तो उन्हें उनके बनाये नियम (टाइम टेबल) की याद दिलाएं।

9. न्यूज़ पेपर एंड स्टडी।  
अब तक 9 बज गए होंगे। बच्चों को बोले की आप न्यूज़ पेपर पढ़े। जिसको जो रूचि हो उसे वो पढ़ने दे। फिर आप उनसे न्यूज़ पेपर से सम्बन्धित एक दो प्रश्न पूछ कर ये सुनिश्चित कर सकती है कि, उन्होंने न्यूज़ पेपर संजीदगी से पढ़ा या नहीं। आप कुछ टॉपिक पर उनसे चर्चा कर सकती है। इससे उनका नॉलेज बढ़ेगा। अगले दिन वो ध्यान से पढ़ेंगे। आप को भी रोज उनसे इस सम्बन्ध में चर्चा करनी है। इसके बाद 2 घंटे उन्हें उनके सब्जेक्ट की पढ़ाई करने के लिए कहें। शुरू में उन्हें अटपटा लगेगा क्योंकि बच्चे छुटियों में बिलकुल नहीं पढ़ना चाहते है। लेकिन फिर ये उनकी दिनचर्या में शामिल हो जायेगा। 
  
10. दोपहर का खाना व आराम। 
गर्मियों में भीषण गर्मी पड़ती है। लू चलती हैं, तो यह भयावह हो जाती है। ऐसे में लू लगने की संभावना ज्यादा रहती है। तो आप कोशिश करें की बच्चे दोपहर में घर पर ही रहें। दोपहर का खाना खाने के बाद उन्हें आराम की सलाह दें। इससे बाहर लू लगने का डर भी नहीं रहेगा। आराम से बच्चे दोपहर में 2-3 घंटे सो जायेंगे तो आप को भी थोड़ी फुर्सत मिल जाएगी। 

 11. शाम की चाय बिस्किट। 
अब बच्चों को जगाने का समय हो गया है। आप चाय बिस्किट तैयार करके उन्हें जगा दें। ताकि आलस में सोते न रहे,नहीं तो गर्मियों की नींद आलस की होती है, और बच्चों का उठने का मन नहीं करता है। उठने के बाद उन्हें उनके टाइम टेबल के अनुसार 1-2 घंटे पढ़ने के लिए बैठा दे, उन्हें कहे कि उसके बाद आप का शाम का घूमने का समय हो जायेगा। इससे बच्चे घूमने के उत्साह में आराम से 1-2 घंटे पढ़ लेंगे। 

  12. शाम के खाने की तैयारी। 
जब बच्चे शाम के समय घूमने चले जाये तो आप के पास 2-3 घंटे बचते है, इस समय आप अपने शाम के खाने की तैयारी कर सकती है। मसलन सब्जी, दूध, और घरेलु सामान जो आप को घर में चाहिए होता है, वो आप ला सकती है। फिर सब्जी वगैरह बना कर शाम के खाने की तैयारी कर सकती है 

 13. शाम का खाना और टी. वी. 
आप सब्जी, दूध आदि पहले से बनाकर रख लेंगी तो आप को शाम के समय के खाना बनाने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। आप आराम से परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर खाना खा सकती है। पहले से की गयी तैयारी की वजह से आप शाम को आने वाले अपने पसन्द के सिरिअल भी देख सकती है। रात के 10 -10.30 बजे तक बच्चों को सोने के लिए बोल दे। 

इस प्रकार आप टाइम टेबल बनाकर चलेंगी तो आप बच्चों कि गर्मियों की छुटियों में आराम से उन्हें कुछ सीखने में मदद कर सकेंगी। बच्चे भी बड़े उत्साह से इसको करेंगे। इसे और रोचक बनाने के लिए सप्ताह में एक बार बाहर खाने का प्रोग्राम बनाया जा सकता है। कभी संडे को मूवी देखने का प्रोग्राम बना सकती है। इससे बच्चों में बोरियत भी नहीं रहेगी और उन्हें व आपको कुछ विविध करने को मिल जायेगा, सभी को बड़ी बेसब्री से उस दिन का इंतजार भी रहेगा।   
  
माय फेवेरेट 10 टॉपिक। 
आप अपने बच्चों से कहें की आप को इन गर्मि की छुट्टीयों में क्या करना है ? इसके लिए आप उन्हें टास्क दें, और उसे कॉपी में लिखने के लिए बोले। जब बच्चे अपने अपने चॉइस के 10-10 टॉपिक लिख लें, तब आप उनमे से कॉमन टॉपिक को छांट ले। अब आप को उन कॉमन टॉपिक पर काम करना है। नीचे कुछ उदाहरण दिए गए है। जो आप के बच्चे आप को लिख कर दे सकते है।  आप उन्हें टोकना मत। उनके जो मन में आये वो लिख कर लाने को बोलना है।   

2. कॉमन चॉइस। 
मान लीजिये आप के एक बच्चे ने ये 10 टॉपिक लिखे। 
A -- I want to visit my village
B -- I want to draw many new super car models
C -- I want to drink 'lassi'
D -- I want to visit 'Jantar Mantar'
E -- I want to sit in a plane 
F -- I want to go to Mumbai
G -- I want to know about History.
H -- I want to play Chess.
I  -- I want to eat ;Kulfi'.
J -- I want to sit in a super car.

दूसरे बच्चे ने यह 10 टॉपिक लिखे  

A -- I want to go to Vaishno Devi Mata temple.
B-- I want to go to jogging everyday early in the morning.
C-- I want to ride my bicycle in the evening.
D-- I want to visit 'Goa'.
E-- I want to go to park everyday.
F-- I want to drink cold drink.
G-- I want to visit my village. 
H-- I want to play games in phone.
I-- I want to go to 'Disney Land'.
J-- I want to play Cricket with my friends.

इनमें से आप को कॉमन चॉइस करके उपरोक्त टाइम टेबल बनाना है। 

धन्यवाद।  


Monday, March 27, 2017

राजस्थान दिवस समारोह। Vibrant Rajasthan Diwas

राजस्थान दिवस समारोह। 
प्रस्तुति 1 

राजस्थान दिवस -2017 .  4-दिवसीय 'राजस्थान दिवस' जीवंत गतिविधियां - लेजर शो, सेना की ड्रिल, बॉलीवुड का प्रदर्शन, फैशन शो और बहुत कुछ  है! मोहित चौहान और बीबी रसेल उत्सव के स्टार हाईलाइट हैं ...

राजस्थान - वास्तव में अद्वितीय, रंगीन संस्कृति का एक राज्य दुनिया के सबसे पुराने जनजातियों में से एक है, जिसमें भील, बंजारा, लोहार, मीणा और मेव शामिल हैं। आप आसानी से राजस्थानी मूल की रोजमर्रा की जिंदगी में प्रामाणिक राजस्थानी संस्कृति और इतिहास को मसालेदार व्यंजन, शानदार लोक नृत्य, शास्त्रीय संगीत और बहुत कुछ सरलता से पा सकते हैं। शानदार इतिहास, परंपराओं और स्मारकों के साथ, राज्य दुनिया भर से अनगिनत पर्यटकों को आकर्षित करता है


क्या आप रेगिस्तानी राज्य राजस्थान की सच्ची भव्यता और रॉयल्टी का अनुभव करना चाहते हैं ? राजस्थान दिवस 2017 पर पांच दिन का उत्सव आप की इस जिज्ञासा को शांत कर सकता है। 27 से 30 मार्च तक हो रहे इस उत्सव का आंनद ले पधारे राजस्थान।
प्रस्तुति 2 


पांच  दिवसीय समारोह की शुरुआत आज सवाई मान सिंह स्टेडियम में शाम को रंगारंग कार्यक्रम के साथ होगी। जिसमे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक लंबी श्रंखला का आयोजन होगा। इसके तहत आप को सांस्कृतिक, एडवेंचर, संगीत, लेज़र शो, की रोचक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। बड़े पैमाने के तहत चली तैयारियों को कल अंतिम रूप दिया गया। कुछ कार्यक्रम 23 मार्च से शुरू हो चुके है। कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए, कार्यक्रम स्थल के आस पास के कुछ मार्गो को आम जन के लिए बंद किया गया है। मुख्य कार्यक्रम विधानसभा के सामने जनपथ पर आयोजित हो रहा है। इस के तहत 27 मार्च से लेकर 5 अप्रैल तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। 27 मार्च को जेकेके में थियटर ऑफ़ इ-अल्काजी की प्रदर्शनी। 28 मार्च को JDA पोलो ग्राउंड में टैटू शो का आयोजन होगा। 28-29 मार्च को बच्चों के लिए फिल्म प्रदर्शनी का आयोजन होगा। फिल्म प्रदर्शनी आइनॉक्स क्रिस्टल पॉम में आयोजित होगा। 28-30  मार्च इंद्रलोक ऑडिटोरियम में इंटरनेशनल फेस्टिवल का आयोजन होगा। 29 मार्च को आर्मी द्वारा खास ट्रिक राइडिंग, masd पाइप्स व ड्रम शो JDA पोलो ग्राउंड में होंगे। शाम 7 बजे इवनिंग शो जो अल्बर्ट हॉल पर होगा, जिसमे मुख्या आकर्षण मोहित चौहान का कंसर्ट व बीबी रशेल का फ़ैशन शो होगा। पुरातत्व व संग्रहालय विभाग तथा स्क्वैर बाय फुट के सहयोग से परकोटे से हैरिटेज वॉक का आयोजन होगा।
तैयारी को अंतिम रूप 
तो चले आईये अपने साथियों साथ राजस्थान की धरती पर।  जय जय राजस्थान।

Friday, March 24, 2017

जयपुर के पांच उत्कृष्ट सेवा देने वाले हॉस्पिटल्स Top 5 Hospitals in Jaipur

जयपुर के पांच उत्कृष्ट सेवा देने वाले हॉस्पिटल्स 

1. सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज एंव हॉस्पिटल्स। 
ये राजस्थान का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है। यहाँ पूरे राजस्थान के आलावा पडोसी राज्यों से भी मरीज स्वास्थ्य लाभ के लिए आते रहते है। यह हॉस्पिटल सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत आता है। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत इस हॉस्पिटल के अलावा इसके अंतर्गत कुछ और हॉस्पिटल्स को भी यूनिट की तरह रखा गया है। जिनकी सूचि निम्न है --
(A) महिला चिकित्सालय
(B) श्वसन रोग संस्थान
(C) मनःश्चिकित्सीय केंद्र
(D) गणगौरी हॉस्पिटल
(E) जे. के. लोन
(F) जनाना अस्पताल
(G) Isolation Hospital
इनके अलावा कुछ और हॉस्पिटल्स को मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत हाल ही के वर्षों में रखा गया है, जैसे जैपुरिया हॉस्पिटल, कांवटिया हॉस्पिटल आदि।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज और अटैचमेंट अस्पताल, जयपुर,
जे.एल.एन. मार्ग, जयपुर -302004, राजस्थान-भारत
हमें कॉल करें - 0141-2560291 और 0141-2518222
हमें ईमेल करें - officeprincipalsmsmc@gmail.com
http://www.education.rajasthan.gov.in/smsmcjaipur
SMS HOSPITAL, JAIPUR
2. संतोकबा दुर्लभजी हॉस्पिटल 
संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल अस्पताल एक ट्रस्ट प्रबंधित, स्वायत्त, सेवाओं के लिए शुल्क है, न कि लाभ बहुआयामी, निजी अस्पताल के लिए, जिसे सम्मानित परिवार कुलपति द्वारा अवधारणा दिया गया था, दिवंगत पद्मश्री खेलशंकर दुर्लभजी के दिल में गुलाबी शहर बसता था। यह एक स्वस्थ परिसर है जिसमें अच्छी सुविधाएं हैं। 2 9 नवंबर, 1 9 71 राजस्थान में स्वास्थ्य देखभाल के इतिहास में एक मील का पत्थर था। राज्य के निजी क्षेत्र में पहली बार अस्पताल का उद्घाटन तत्कालीन प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने किया था। केवल अस्सी बेड और छः विशिष्टताओं की एक बिस्तर क्षमता के साथ बहुत ही सरल शुरुआत हुई। अब बिस्तर की ताकत 375 तक बढ़ गई है और कई वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, प्रयोगशालाएं, उपयोगिता सेवाएं, विशेषताओं और सुपर स्पेशियल्टी भी जोड़ दी गई हैं।
Address: Santokba Durlabhji Memorial Hospital cum Medical Research Institute Bhawani Singh Marg, Near Rambagh circle, Jaipur-302015 
Tel: 91-141-2566251-58
Fax: 91-141-5110209
Emergency : +91-124-6767000
E-mail: info@sdmh.in
URl: www.sdmh.in
SDM HOSPITAL
3. भगवान महावीर कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र | (बीएमसीएचआरसी)
बीएमसीएचआरसी जयपुर में एक अत्याधुनिक व्यापक कैंसर देखभाल केंद्र है। कैंसर निदान और उपचार के लिए आवश्यक नवीनतम उपकरणों और तकनीक से सुसज्जित है। यह बहु आयामी तृतीयक कैंसर की देखभाल करने के लिए पूरी तरह सुसज्जित है। बीएमसीएचआरसी की स्थापना श्री एन.आर. कोठारी, जो एक परोपकारी व दूरदर्शी समाज सेवी थे। इन्होंने इस संस्था की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भगवान महावीर कैंसर अस्पताल जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर स्थित है और इसकी इमारत सावधानीपूर्वक योजना बद्द तरीके से बनाई गई है। यह 90,000 वर्ग फुट के क्षेत्र पर बना है। आचार्य हस्ती अतिथि गृह अस्पताल के करीब स्थित है। इस अस्पताल का मुख्य उद्देश्य ऐसे रोगियों व मरीजों की देखभाल करने वालों के लिए है, जिन्हें अस्पताल में इनडोर रोगियों के रूप में रहने की जरूरत नहीं है।
Address: Bhagwan Mahaveer Cancer Hospital and Research Centre Jawahar Lal Nehru Marg, Jaipur 302017
Tel: 91-141-2700107, 2702106, 2702120, 2702899, 5113107
Fax: 91-141-2702021
Email: info@bmchrc.org , bmchrc@hotmail.com
URl: www.bmchrc.org
Bhagwan Mahaveer Cancer Hospital and Research Centre

4. महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल 
डॉ। एमएल स्वर्णकार ने राजस्थान में निजी क्षेत्र के प्रथम मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज और प्रबंधकीय संस्थान रूप में इसकी स्थापना की। महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, 2000 में स्थापित हुवा था।यह (डॉ. एमएल स्वर्णकार) जयपुर फर्टिलिटी एंड माइक्रो सर्जरी रिसर्च सेंटर के संस्थापक निदेशक हैं ( अब महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, जयपुर का एक यूनिट) जो पहले आईवीएफ और आईसीएसआई पद्धति द्वारा शिशु (क्रमशः1989  और 1994 में) देने के लिए राजस्थान और उत्तर भारत का पहला केंद्र है। 730 बैड के साथ संस्थान के शिक्षण अस्पताल में सभी के लिए करुणा की भावना से मरीज को अनुकूल वातावरण में सस्ती चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है। जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति से ऊपर उठकर गरीबों और जरूरतमंदों के लिए 250 बेड किसी भी शुल्क से पूरी तरह से मुक्त रखे गए है।
Address: Mahatma Gandhi Medical College and Hospital,
RIICO Institutional Area,Sitapura,Tonk Road, Jaipur - 302 022
Tel: +91-0141- 2770798 / 2771777 / 2771001 - 3
Fax: +91-0141-2770303 / 2770900
URl: www.mgmch.org
E-mail : info@mgmch.org
Mahatma Gandhi Medical College and Hospital,
5. फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, जयपुर
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, जयपुर राजस्थान स्वास्थ्य सेवा उद्योग की सीमा में एक नया पंख है। वास्तव में, यह राजस्थान में पहला बहु सुपर स्पेशलिटी अस्पताल है। कई आधुनिक उपकरणों की उपस्थिति के साथ उच्च प्रौद्योगिकी एवं चिकित्सा देखभाल में विभिन्न सफलताओं को प्राप्त के लिए ढांचागत समर्थन प्रदान करती है। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल में कई प्रकार की विशेषताओं की भी व्यवस्था है, जो यहाँ उपलब्ध कराए जाने वाले उपचार के प्रकार को पूर्ण आकार प्रदान करती है।
Address: Fortis Escorts Hospital, Jaipur (FEHJ) 
Healthcare Group-FORTIS Healthcare (India)
Jawahar Lal Nehru Marg, Malviya Nagar Jaipur - 302017
Tel: +91-141-2547000 
Fax: 91-11-26825013 
Email: contactus.jaipur@fortishealthcare.com
URl: www.fortishealthcare.com
Fortis Escorts Hospital, Jaipur (FEHJ)
मैंने सामान्य रूप से जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश की है। जयपुर में अब अत्याधुनिक तकनीक के साथ बहुत अच्छे हॉस्पिटल्स हैं।  लेकिन मुख्य रूप से इन्ही बड़े हॉस्पिटल्स का नाम पहले आता है। 

ध्यन्यवाद !



Thursday, March 23, 2017

5 महत्वपूर्ण जानकारी जयपुर मेट्रो के बारे में। 5 fact about Jaipur Metro.

5 महत्वपूर्ण जानकारी जयपुर मेट्रो के बारे में। 

जयपुर राजस्थान का सबसे बड़ा शहर। राजस्थान भारत में क्षेत्रफल की दृस्टि से सबसे बड़ा राज्य है। जयपुर को  भारत के सबसे बड़े राज्य की राजधानी होने का गौरव प्राप्त है। जयपुर भारत का सबसे पहला शहर है जो पूर्णतया योजनाबद्ध तरीके से बसाया गया है। सन 1727 में यहाँ  महाराजा सवाई जय सिंह  द्वारा इस ऐतिहासिक शहर की नींव पड़ी थी। बंगाल के सुप्रषिद्ध वास्तु शास्त्र ज्ञाता श्री विद्याधर भट्टाचार्य के निर्देशन में इस शहर का निर्माण कार्य हुवा। उनके निर्देशन में इस खूबसूरत ऐतिहासिक शहर की हर गली, बाजार की सड़के पूर्व से पश्चिम तथा उत्तर  दक्षिण आपस में समकोण पर काटती है। आप शहर में घूमेंगे तो आप किसी भी सड़क या गली से गुजरें वह आपको मुख्य सड़क पर ले जाएगी। इसलिए इस शहर में गुम होने के चांस बहूत कम है।
यह खूबसूरत शहर सन 2015 से मेट्रो रेल क्लब में शामिल हो गया है। इस क्लब में दिल्ली NCR, कोलकाता, बेंगलुरु, गुरुग्राम (पहले गुडगाँव), तथा मुम्बई पहले से है। 13 नवम्बर 2013 से पहले फेज का निर्माण कार्य शुरू हुवा जो सन 2014 में पूर्ण हो गया था। लेकिन पहले दिसम्बर 2014 तथा बाद में अप्रैल 2015 तक इसे सुरक्षा जाँच पूर्ण न होने के कारण परिवहन के लिए अनुमति नहीं मिली। मई 2015 में सुरक्षा जाँच क्लीयरैंस के बाद इसे परिवहन के लिए चालू कर दिया गया।  इस पहले फेज में 9.63 KM के मार्ग में कुल 9 स्टेशन है। जो चांदपोल से लेकर मानसरोवर तक क्रमशः चांदपोल, सिंधी कैंप, जयपुर रेलवे स्टेशन, सिविल लाइन्स, रामनगर, श्याम नगर, विवेक विहार, नई आतिश मार्किट, और मानसरोवर है।
श्याम नगर मैट्रो स्टेशन 

चांदपोल मैट्रो स्टेशन निकास 

मैट्रो के अंदर का दृश्य 
1. पहले तीन महीनो के लिए मैट्रो को सुबह 6. 45 बजे से रात के 9 बजे तक चलाया गया था।  जो अभी तक अनवरत है। इस बीच हर 10 मिनिट के अंतराल पर आपको किसी भी मैट्रो स्टेशन से मेट्रो रेल में सफर करने को मिल सकता है 

2. हर मैट्रो स्टेशन पर आप को ऑटोमैटिक टिकिट मशीन से टिकिट मिल सकती है। 

3. दो तरह के यात्रा पास जारी किये गए है। जो आप को यात्रा करने में सुविधा प्रदान करते है। पहला एक दिन के लिए यात्रा पास है जो आप को उसी दिन चाहे कितने भी चक्कर लगाएं उस यात्रा पास से लगा सकते है। दूसरा तीन दिन के लिए जारी किया जाता है, जो तीन दिनों तक वैध रहेगा। किराया समय व यात्री भार के अनुसार बदलता रहा है। 
4. शुरुआत में 789 सुरक्षा कर्मियों को यात्रियों की सुरक्षा में लगाया  गया था जिसे अब बढाकर 1250 कर दिया गया है। 
5. दूसरे फेज का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, जो 2018 में कंप्लीट होने की उम्मीद है।  इस फेज में इसे बड़ी चोपड़ तक विस्तारित कर दिया गया है। पहला फेज I A PINK LINE तथा दूसरा फेज I B PINK LINE के नाम से हैं। I B के जुड़ने से 2.35 KM लंबाई और बढ़ जाएगी। 
5. फेज II (उत्तर दक्षिण कॉरिडोर ) के नाम से जाना जायेगा। जो सम्भवतः  सन 2021 में तैयार हो जायेगा। इस फेज में PINK LINE की लंबाई 23 KM के करीब होगी। जिसमें लगभग 20 स्टेशन प्रस्तावित है। यह सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया से अम्बाबाड़ी तक होगा। इसे वाया अजमेरी गेट से  बनाया जायेगा। सीतापुरा से अजमेरी गेट तक एलिवेटेड तथा अजमेरी गेट से अम्बाबाड़ी तक भूमिगत होगा। अगर कोई संसोधन नहीं होता है, तो 2021 से सम्भवतः इस मार्ग पर भी आप मैट्रो रेल सफर का आंनद ले सकेंगे। 
ध्यन्यवाद। 

Wednesday, March 22, 2017

भारत में इस समय 10 महत्वपूर्ण मुद्दे । Top 10 issues in India right now.

भारत में इस समय 10 महत्वपूर्ण मुद्दे। 
भारत में इस समय जो महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात हो रही है, में आज उनके ऊपर थोड़ा सा प्रकाश डाल रही हूँ। ये मुद्दे अलग अलग लोगों की राय के अनुसार अलग अलग हो सकते है। कहने का मतलब आप के लिए ये मुद्दे 1 -10 तक की रेटिंग में ऊपर नीचे हो सकते है। समय के अनुसार बदलाव आता है। आप जब इस पोस्ट को पढ़े तो इसके प्रकाशन की तिथि पर गौर जरूर कर लेना। क्योंकि हो सकता है, पोस्ट पुरानी होने के साथ परिस्थितियों में बदलाव आ जाये, और आप मेरे को दोष दें। भारत संक्रमण काल से गुजर रहा है। संक्रमण काल इस दृष्टि से कि पिछले एक दशक से राजनितिक उथल पुथल, संचार क्रांति, रोजगार, महंगाई, रहन सहन, नैतिक मूल्यों का ह्रास, भ्रष्टाचार, गुंडा गर्दी, अपराध, आम लोगों का व्यवहार इन सब में आमूल चूल परिवर्तन आया है। इस लिए इसको हम संक्रमण काल कह सकते है। पिछले दस वर्षों में भारत में राजनितिक परिदृश्य में बहूत से परिवर्तन हुए है। मसलन नए राजनितिक दलों का उदय, क्षेत्रीय दलों की मतदाताओं पर पकड़ ढीली होना या अपना जनाधार खोना, सबसे बड़े व सबसे पुराने राजनितिक दल का प्रभाव कम होना, दिल्ली जैसे केंद्र शाषित प्रदेश में आम आदमी पार्टी का अभ्युदय और फिर शाशन की बागडौर संभालना। भारतीय जनता पार्टी का पुनः सत्ता में लौटना। इन सब के पीछे के कारणों में जाये तो कुछ आंदोलनों की गूंज सुनाई देती है। याद करो अन्ना हजारे का आमरण अनशन, दिल्ली का निर्भया कांड, भ्रष्टाचार में नेताओं का जेल जाना। तमाम कारणों से आज की परिस्थितियां उत्पन हुई है। जो एक हद तक आम आदमी (आम आदमी पार्टी नहीं) को सुकून देती हुयी सी प्रतीत हो रही है। अब आगे क्या ? अब आगे आप ने पिछले इन दस वर्षों में जो किया है उसका दो गुना करना है।  कैसे ? हो सकता है, आप पिछले दस साल में उपरोक्त वर्णित किसी मुद्दे पर अपनी उपस्थिति अगर एक बार दर्ज करवाई है तो अब आप को उसे दो गुना करना है। जैसे अगर आप पिछले वर्षों में जनता से जुड़े किसी मुद्दे को लेकर अगर कहीं आंदोलन हुवा है, और उस में एक बार गए है तो अब आपको दो बार जाना है। किसी मुद्दे को सोशल नेटवर्क पर अगर पांच बार लाइक किया है, तो अबकी बार लाइक के साथ शेयर भी करे। इस प्रकार अपनी भागीदारी भढाएँ। फिर देखना अपने सपनों का भारत कैसे विश्व गुरु बनता है। अब अपन उन दस महत्वपूर्ण विषयों की बात करते है, जो आम भारतीय के बीच इन दिनों चर्चा में हैं।

1. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी। 
आप अपने पुरे दिन में कम से कम एक बार अवश्य सोचते होंगे कि यार बन्दे में दम है। श्री मोदी आजकल हर आदमी की चर्चा में कहीं न कहीं शामिल है। आप चाहे घर में हों या बाहर, कहीं न कहीं मोदीजी की चर्चा में या उनके काम करने के अंदाज से या फेसबुक, ट्वीटर, गूगल या और कहीं से भी चाहे सुनने को मिले आप सुनना चाहेंगे उनके बारे में। आप ये देखना चाहेंगे कि अब अगला कदम क्या हो सकता है ? सीमा पर सैनिकों के लिए क्या नया कदम है। क्या नया करने जा रहे है ? ये आपकी जागृत उपस्थिति दर्शाता है। आप करते रहें। खुश रहेंगे।

2. उत्तर प्रदेश के नए राजनितिक परिदृश्य और उसके प्रभाव। 
उत्तर प्रदेश में जो नए राजनितिक परिदृश्य उभर कर दुनिया के सामने आएं है, उन पर आप जरूर सोचते होंगे। आप चाहे किसी भी सम्प्रदाय से सम्बन्ध रखते हो, लेकिन उत्तर प्रदेश के वर्तमान हालातों पर आप की पूरी नजर बनी हुयी है। अगर आप हिन्दू है तो सोच रहे होंगे की मंदिर बनेगा या नहीं। अगर आप मुस्लिम सम्प्रदाय से ताल्लुक रखते है तो सोच रहे होंगे, कि अब क्या होगा ? अगर अन्य सम्प्रदाय या वर्ग विशेष से है तो भी इस तरह के सवाल आप के मन में उमड़ रहे है। अगला राष्ट्रपति कौन होगा। निश्चिंत रहे भारत के विकास में योगदान करें। परिस्थितियां उन सब के अनुकूल है जो भारत वर्ष के विकास में अपना अमूल्य योगदान देना चाहते है।

3. अपने परिवार के बारे में। 
तीसरे नंबर पर आप अपने परिवार को रख रहे है। बधाई अगर आप ऐसा कर रहे है, तो निश्चित रूप से आप अपने देश को सर्वोच्च रख रहे है। होना भी यही चाहिए। परिवार में आप अपने बच्चों के exams, उनके करियर के बारे में सोच रहे है तो आप देश के विकास में योगदान कर रहे है। परीक्षा परिणाम आने वाले है, या परीक्षा देने वाले है, पेपर कैसे होंगे ? अगर हो गए तो आगे अब क्या करने वाले है। कहाँ प्रवेश दिलाये, कौनसी तैयारी कराएँ। स्वास्थ्य कैसा है सब का, बच्चों के भविष्य को लेकर उनके विवाह को लेकर, मकान बन रहा है, कब तक पूरा हो जायेगा ? नोकरी चाकरी में कही कोई व्यवधान तो नहीं है। प्रमोशन मिलेगा या नहीं ? ये सारी बातें आप को खाये जा रही है। चिंता छोड़ दीजिये। समय सबसे बड़ा बलवान होता है। अगर कोई समस्या नहीं सुलझ रही है  प्रयास करना मत छोड़ो। अगर समस्या नियंत्रण से बाहर है, तो समय पर छोड़ दें। क्योंकि समय सबसे बड़ा मलहम होता है। आप गौर करे भूतकाल में इस तरह की परिस्थितियों से गुजरे हों तो आप के प्रयास कितने कारगर रहे थे। इसलिए अपनी तरफ से कोई कसर न रखे। बाकि सब ठीक हो जायेगा।

4. महिलाओं के खिलाफ अत्याचार। 
हो सकता है आप प्राथिमक रूप से मेरी इस बात से सहमत नहीं हों, लेकिन अगर आप मेरी पूरी बात पढ़ेंगे तो शायद आप की विचारधारा में बदलाव आ जाये। पिछले दस वर्षों के दौरान महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुयी है। ये आंकड़े बताते है। में आकड़ों में न जाकर आप को ये विश्वाश दिलाना चाहती हूँ, कि ऐसा हुवा है। अगर एक महिला जो अपनी रक्षा खुद करने में सक्षम है, और वो अगर इस तरह की बात आप के सामने रख रही है, तो निश्चित तौर पर कहीं न कहीं ख़ौफ़ है। आप एक लड़की के भाई, बाप, पति, या और किसी रूप में रिश्तेदार है, और आप की बहन, बेटी, पत्नी कहीं आ जा रही है, तो आप मेरी बात से सहमत हो सकते है। यहीं बात आप को अपने दोस्त, अपने बॉस, अपने मातहत को समझनी है। आप यकीन मानिये ईश्वर ने हर नारी को एक ऐसी शक्ति (सिक्स सेन्स) दी है, जिससे उसे पता रहता है, की पीठ के पीछे आप की आँखों ने उसका कहाँ कहाँ का एक्सरे किया है। आप के एक स्पर्श से उसे पता चल जाता है, कि ये आप से अनजाने में हुवा है, या आप ने अपनी उस कल्पना को साकार करने की एक कोशिश की है। इसलिए मेरी राय में आप अपनी इस तरह की कोशिश न करे। ये बात आप अपने मस्तिक में बैठा लें व अपने उन को समझाएं जो इस तरह के किस्से आप को सुनाते है।

5. टेक्नोलॉजी और आप
पांचवे नंबर पर आप जिस विषय को लेकर चिंतित या उत्सुक रहते है वो है, टेक्नोलॉजी। टेक्नोलॉजी ने आप के जीवन को पूर्ण रूप से बदल दिया है। कोई बात नहीं अगर आप टेक्नोलॉजी में बहुत ज्यादा एडवांस नहीं है, लेकिन फिर भी इसके प्रभाव से अपने आप को बचाये रखना आप के लिए मुश्किल होता है। इन सबके पीछे अपनी जरूरतें है। मेरी राय में तो ये सही भी है। क्योंकि आज के युग के हिसाब से चलना फायदेमंद है। क्योंकि मिसाइल युग में आप धनुष बाण से युद्ध नहीं लड़ सकते। आदर्श अपनी जगह है। चिंतित आप इसलिए हैं, कि फेसबुक पर भेजी आपकी रिक्वेस्ट अभी तक स्वीकृत नहीं हुयी है। आप ने जो पोस्ट डाली थी उसको अभी तक उतने लाइक नहीं मिलें जितनी आप ने आशा की थी। या व्हाट्स अप पर उसने आप को ब्लॉक कर दिया। ये तो आप उनके लिए जो टेक्नोलॉजी में एडवांस नहीं है। अब जो बहुत ज्यादा इस के अंदर घुस बैठे है, सोच रहे है, एडसेंस की अप्रूवल कब मिलेगी। या ctr, cpm कम क्यों है ? कस्टम डोमेन लेने के बाद विज़िटर्स की संख्या कम क्यों हो गयी ? रेवेन्यू नहीं मिल रहा ? मेल क्यों नहीं आयी अब तक ? कैमरे को भी अब ही ख़राब होना था। जिओ मार्च तक ही फ्री क्यों है ? फ़ोन सॉफ्टवेर डाउनलोड क्यों नहीं कर रहा।  404 एरर क्यों आ रहा है। वगेरह वगेरह।

6. बॉलीवुड, टी. वी. और आप की इंवोल्मेंट। 
सिनेमा जगत सभी को सदा से आकर्षित करता आ रहा है। आप भी इससे अछूते नहीं होंगे। हो सकता है आप की पसंद में ऊपर या नीचे हो सकता है। आप की सक्रियता निम्न बातों से लगायी जा सकती है।
(अ) आप को पता है, इस शुक्रवार को कोनसी फिल्म रिलीज़ होने वाली है।
(ब ) आप को पता है, अमिताभ बच्चन ने क्या ट्वीट किया है।
(स) आप को पता है, आलिया भट्ट किस किस को फॉलो कर रही है। या दीपिका, प्रियंका कहाँ शूटिंग कर रही है।
(द ) आप को पता है, कि भंसाली की पद्मावती का सेट किसने जल दिया।
(य) आप को पता है, कि अमुक गाना कितनी बार डाउनलोड कर लिया गया है।
(र) आप को पता है, कि कपिल शर्मा और उनकी टीम में क्या चल रहा है ?
(ल) टी. वी। पर रविश ने क्या कहा, या आप की अदालत में कौन आया या बेहद में क्या हो रहा है, या फिर थपकी , भाभीजी घर पर है, या नहीं।
इन उपरोक्त बातों में से अगर एक भी आप जानते है , तो आप बिलकुल सक्रिय भूमिका निभा रहे है।

7. खेल जगत और व्यापार।
हो सकता है आप के लिए खेल जगत इस सूचि में ऊपर चला जाये। कोई बात नहीं सूचि में तो शामिल है न।  भारत खेलों में कैसा प्रदर्शन कर रहा है ? क्रिकेट में क्या नए रिकॉर्ड बन रहे है ? आईपीएल का शेड्यूल आप ने कहाँ सेव किया है ? हो सकता है, आप कोई मैच देखने का मन बना रहे हों। व्यापार जगत में क्या हो रहा है ? शेयर कहाँ पहुँच गए ? डॉलर के क्या भाव चल रहे है ? टाटा ने नया बयान क्या दिया है ? SBI के विलय के बाद क्या होगा ? आदि आदि।

8. त्यौहार और सामाजिक विषय। 
त्यौहार और सामाजिक विषयों को लेकर आप उतने ही उत्सुक रहते है, जितने पहले रहते थे। इस विषय को गौण मत करिये। क्योंकि ये ही एक वो विषय है, जो आप को भारत में होने का अहसास कराता है। आप छोटे छोटे उत्सवों में बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी निभाएं। ऐसा करना इसलिए जरुरी है, क्योंकि ये अपनी सांस्कृतिक विरासत है। अपन अगर परम्पराओं को संभालेंगे तो आने वाली पीढ़ी को क्या देंगे। आज अगर अपनी अग्रणी पीढ़ी कहीं कोई शिकायत करती है, तो में निश्चित तोर पर उन्ही को दोष दूंगी क्योंकि उन्होंने हमें जो दिया है वो ही हम लौटा सकते है। इसलिए जितना हो सके त्यौहार व सामाजिक विषयों में अपनी बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाएं।

9. आप के बारे में।
अब तक जो अपन बातें कर रहे थे, वो अपने ही बारे में थी। लेकिन इस में आप अपने आप को ही भूल रहे है। अपन ये सब करेंगे कैसे ? अगर अपन है, तो अपन करेंगे। इसलिए सलाह है, अपने आप को स्वस्थ रखे। सुबह वक्त निकाल कर कम से कम दो घंटे व्यायाम को दें। अपने शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग, भ्रमण, खान-पान, सुबह जल्दी उठना, थकाने वाला व्यायाम न करें। कहावत है, कि व्यायाम करो पर थको मत, खाना खावो पर छको मत, अर्थात व्यायाम इतना मत करो कि थक जावो व खाना इतना मत खावो कि पेट पूरा भर जाये या छक जावो। इन बातों को लेकर आप निश्चित रूप से चर्चा करते होंगे।

10. अन्य महत्वपूर्ण विषय। 
अब आपकी परिस्थितियों पर निर्भर करता है, कि आप के लिए कोनसे मुद्दे क्या मायने रखते है। विषय बहुत है, लिखना भी बहुत चाहती हूँ, लेकिन कुछ सीमाएं भी होनी चाहियें।

अब तो में आप से एक गुजारिश करुँगी कि आप कितने सहमत है। अपने आप को कहाँ रखते है। कौनसे विषय आप को उद्वेलित करते है। कौनसे विषय आप की प्राथमिकताएं है। आप के उत्तर कि प्रतीक्षा में।

धन्यवाद !  

Tuesday, March 21, 2017

बाल विवाह और राजस्थान। Prevent Child Marriage and Support us! Child marriage is a human rights violation.

बाल विवाह और राजस्थान।
जैसे जैसे गर्मी बढ़ रही है, राजस्थान तपने लगा है। आने वाले दिनों में भयंकर लू के थपेड़ो से जन जीवन अस्त व्यस्त होने वाला है। राजस्थान भारत के ऐसे भौगोलिक क्षेत्र का नाम है, जिसे हम थार के रेगिस्तान से लेकर दक्षिण पूर्व चम्बल के बीहड़ों के बीच बसे प्रदेश के रूप मेँ जानते है। राजस्थान अपनी अनूठी सांस्कृतिक विरासतों के लिए जाना जाने वाला प्रदेश है। विदेशो से आने वाले पर्यटकों के नक़्शे में राजस्थान सबसे ऊपर होता है। अरावली पर्वतमाला इसे लगभग दो समान भागो में विभाजित करती है। मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ के अलग होने के बाद ये भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है। कालांतर में विदेशी आक्रांताओं के निशाने पर इसलिए रहा, क्योंकि यह सुदूर पश्चिम से आने वाले हर विदेशी आक्रमणकारी के स्थल मार्ग में आता था। लेकिन फिर भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराओं के कारण विश्व पटल पर विशेष स्थान रखता है।
1. राजस्थान में बाल विवाह।
राजस्थान अपनी सांस्कृतिक विविधता, अमूल्य ऐतेहासिक धरोहरों, की दृष्टि से समृद्ध प्रदेश है। आर्थिक दृष्टि से पिछड़ा हुवा प्रदेश है। इसके पीछे बहूत कारण है। इनमे से एक प्रमुख कारण है बाल विवाह। राजस्थान में आज 21 वीं सदी में भी बाल विवाह इतने बड़े पैमाने पर होते है, जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते। जैसे जैसे राजस्थान में गर्मी का प्रकोप बढ़ता जायेगा वैसे वैसे ये विवाह परवान चढ़ते जायेंगे। लेकिन इसके पीछे गर्मी का कोई कारण नहीं है। यहाँ की अधिकांश जनसँख्या गरीब, अशक्षित होने के कारण रूढ़िवादी परम्पराओं में विश्वाश करती है। गर्मियों में आखा तीज का दिन इस क्षेत्र में बाल विवाह का सबसे बड़ा गवाह बनता है। इस दिन को अबूझ सावे के रूप में जाना जाता है। इसलिए यहाँ की गरीब, अशिक्षित, जातियों में इस दिन बड़े पैमाने पर बाल विवाह होते है। इसके पीछे इन लोगों का मानना है की ये तो अबूझ मुहूर्त है, और अपने छोटे छोटे बच्चों को विवाह बंधन में बांध देते है।
बाल विवाह एक अभिशाप 


2. THE PROHIBITION OF CHILD MARRIAGE ACT, 2006
भारत सरकार ने 2006 में ये act पास किया जिसे पुरे भारत में 10 Jan 2007 को लागु कर दिया गया।  राजस्थान सरकार के भरसक प्रयासों के बावजूद अभी तक हालात संतोषजनक नहीं कहे जा सकते। मैंने जैसे ऊपर लिखा की जैसे जैसे गर्मी बढाती जा रही है सरकार के इस ज्वलन्त मुद्दे को लेकर हाथ पाँव फूलने लगते है। हाथ पाँव इसलिए फूलते है , क्योंकि सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे है। अपेक्षित परिणाम इस लिए नहीं मिल रहे है क्योंकि अधिकांश जनता इसके दुष्परिणामों से अनभिज्ञ है। उनको लगता है, कि मां -बाप होने के नाते वे इस जिम्मेदारी से जितना जल्दी मुक्त हो जाएँ उतना ही अच्छा है।
आज जरुरत है, इस बात की सरकार के साथ साथ हम सब मिलकर इस बुराई से लड़ें। सभ्य समाज के एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं आप से विनम्र निवेदन करना चाहती हूँ, कि इन गर्मियों में हम सब मिलकर इस सामाजिक बुराई को रोकने का अपनी तरफ से प्रयास करें।
3. आप क्या सहयोग कर सकते है ?
एक साधारण नागरिक होने के नाते आप सोच रहें होंगे कि मैं क्या कर सकता हूँ ? आप साधारण नहीं है। आप ने सुना ही होगा कि "don't under estimate a common men" तो अपने आप को कम मत आंकना। आप अपने आस-पास के क्षेत्र में होने वाली ऐसी शादियों को रुकवाकर दो बच्चों का भविष्य बचा सकते है। अगर आप कोई स्वंय सेवी संस्था है, तो आप की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। अगर आप प्रशाशन के किसी ऐसे पद को शुशोभित कर रहे है, जिसे आम जनता उम्मीद भरी निगाह से देखती है, तो आप अपने दायरे से बाहर जाकर काम करेंगे तो आप को कोई रोकने वाला नहीं है। अगर आप एक लेखक है, तो इस मुहीम को आगे बढ़ाने में सहयोग कर सकते है। अगर आप एक रीडर है, तो पढ़कर इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर सकते है, ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके।

इस मुहीम में सहयोग करने में कुछ महत्वपूर्ण टेलीफोन नंबर हमारी मदद कर सकते है।
1. चाइल्ड हेल्प लाइन (Child help line) 1098
2. महिला एवँ बाल विकास विभाग-राजस्थान
(Department of Women and Child Development. Rajasthan ) 1800-180-6127
3. पुलिस महा निदेशक - राजस्थान (DIRECTOR GENERAL OF POLICE-RAJASTHAN ) 0141 -2744435

  


Saturday, March 18, 2017

How to create a beautiful blog with blogger platform?

नमस्ते ! आज अपन बात करते है की कैसे एक सूंदर ब्लॉग बनाया जाये। 
चलिए शुरू करते है।
सबसे पहले आप गूगल पर अपने जीमेल अकाउंट से लॉगिन करें। उसके उसके बाद आप को गूगल सर्च में ब्लॉग स्पॉट सर्च करना है। जब आप सर्च करेंगे तो इस तरह का इंटरफ़ेस दिखाई देगा।
1.
आप रेड सर्किल में जो एड्रेस बार है उस पर क्लिक करके आगे बढ़ेंगे तो आप को अपनी प्रोफाइल सहित कुछ इस तरह दिखाई देगा। 


2. 
अब आप यहाँ पर नीचे कंटिन्यू ब्लोगर पर क्लिक करके आगे बढे। आगे बढ़ने पर आप को कुछ इस तरह की pic दिखाई देगी। 
3. 
अब आप को ये pic दिखाई दे तो आप ऊपर got it पर क्लिक करके नीचे ब्लैक सर्किल में create new blog पर क्लिक करेंगे तो आप अपना सूंदर ब्लॉग बनाने के लिए तैयार है। 
4. अब आप को आगे जो डयलॉग बॉक्स दिखाई दे उसमें अपने ब्लॉग के बारे में जानकारी भर दें। जानकारी भरने के बाद आपका ब्लॉग अपकी पहली पोस्ट डालने के लिए तैयार है। देखें pic .  
अब आप ऊपर title में अपने ब्लॉग का नाम दें। नीचे अड्रेस में अपने ब्लॉग का अड्रेस दें।  इस एड्रेस से विज़िटर आपके ब्लॉग तक पहुंचेंगे। फिर नीचे create ब्लॉग पर क्लिक कर दें।  लीजिये आप का ब्लॉग बन कर तयार है।  अब आप अपनी पहली पोस्ट डाल सकते है।  पोस्ट कैसे डालें ये अपन कल के लिए छोड़ देतें है। कल पोस्ट कैसे डालतें है, ये जानेंगे। तब के लिए धन्यवाद। 
5. 
वैसे तब तक आप try करें। जो रेड सर्किल में new post दिया गया है, उस पर क्लिक करके आप अपनी पहली पोस्ट डालने का प्रयास करें।  धन्यवाद।  





Friday, March 17, 2017

Introduction what is blog and how it work?

ब्लॉग के बारे में जो आप जानना चाहते हों। 
नमस्कार दोस्तों !
जैसा की शीर्षक से थोड़ा बहुत आईडिया आया हो।  ब्लॉग क्या है और ये कैसे काम करता है। ब्लॉग एक स्पेस एक जगह जहाँ पर आप अपने विचार, आईडिया, आपकी सोच, आप लोगों को क्या बताना चाहते है, ये सब लिख कर बता सकते है। जैसे पुराने टाइम में कोई लेखक अपनी बात कहने के लिए उपन्यास, निबंध, कहानी, कविता का सहारा लेता था। ठीक उसी का ये नया रूप है। आप अपने ब्लॉग को उचित शीर्षक दे कर पाठको का ध्यान आकर्षित कर सकते है। अब शीर्षक क्या हो ? शीर्षक आप कैसा रखे ये आप पर निर्भर करता है, लेकिन मेरी राय में शीर्षक आप को ऐसा चुनना चाहिए जिससे पता चले की हाँ इसमें क्या लिखा होगा। ऐसा नहीं की आप शीर्षक तो तड़कता फड़कता रख दें, व अंदर पठन सामग्री कुछ और ही हो। ध्यान रखे की शीर्षक जो आप लिखना चाहते है, उससे मेल खता हुवा हो ताकि आप के पाठक आप की पोस्ट को नकारे नहीं।  मन लो आप ने पाठको को आकर्षित करने के लिए शीर्षक अलग हटकर दे दिया लेकिन अंदर पठन सामग्री नहीं है, या शीर्षक से मेल नहीं खाती है, तो अगली बार पाठक के सामने आपकी पोस्ट आने पर भी वो इसे बिना पढ़े आगे चला जायेगा। इसलिए इस बात का ध्यान रखें।

अब ब्लॉग बनाने के लिए जरुरी शर्तें
1 . आपके पास आपका जीमेल अकाउंट होना चाहिए।
2 . आप की लिखने में रूचि होनी चाहिए।
3 . आप जिस भी विषय पर लिखें उसकी जानकारी होनी चाहिए।
4 . सोशल नेटवर्क पर आप के पाठको की संख्या होनी चाहिए।
5 . धैर्य व जूनून होना चाहिए।
इन उपरोक्त 5 आवश्यकताओं के साथ आप अपना ब्लॉग शुरू कर सकते है।
अगले लेख में हम ब्लॉग बनाते कैसे है, इसके बारे में बात करेंगे।