Saturday, April 29, 2017

What is Heat Stroke? Sign, Symptoms, Treatment & Prevention

हीट स्ट्रोक 

हीट स्ट्रोक, तापघात
हीट स्ट्रोक, तापघात, हाइपरथर्मिया या गर्मी से संबंधित बीमारी का एक रूप है। असामान्य रूप से उच्च शारीरिक तापमान के साथ साथ नर्वस सिस्टम फ़ंक्शन में परिवर्तन सहित शारीरिक लक्षणों के साथ, गर्मी ऐंठन और गर्मी की थकावट के विपरीत, हाइपरथर्मिया के दो अन्य रूप जो कम गंभीर हैं। हीट स्ट्रोक की सही चिकित्सा न हो तो यह जानलेवा साबित हो सकता है, यदि ठीक से और तुरंत इलाज नहीं मिले तो। हीट स्ट्रोक को कभी-कभी ऊष्माघात या सूरज स्ट्रोक के रूप में भी जाना जाता है। गंभीर हाइपरथर्मिया को 104 एफ (40 डिग्री सेंटीग्रेड) या उससे अधिक के शरीर के तापमान के रूप में परिभाषित किया गया है।

शरीर सामान्यतः चयापचय के परिणामस्वरूप गर्मी उत्पन्न करता है, और आमतौर पर गर्मी के दौरान त्वचा के माध्यम से या पसीने के वाष्पीकरण द्वारा गर्मी को नष्ट करता है। हालांकि, सूरज के नीचे अत्यधिक गर्मी, उच्च आर्द्रता या जोरदार शारीरिक परिश्रम में, शरीर गर्मी को पर्याप्त रूप से नष्ट नहीं कर पता है, फलस्वरूप शरीर का तापमान बढ़ता है। कभी-कभी 106 एफ (41.1 डिग्री सेंटीग्रेड) या इससे अधिक तक। हीट स्ट्रोक का एक अन्य कारण निर्जलीकरण है। एक निर्जलित (शरीर में पानी की कमी) व्यक्ति शरीर के ताप को बढ़ने से रोकने लिए पर्याप्त तेज़ी से पसीना नहीं कर सकता, जिससे शरीर के तापमान में वृद्धि होती जाती है। फलस्वरूप व्यक्ति तापघात का शिकार हो जाता है।

हीट स्ट्रोक, ह्रदय स्ट्रोक के समान नहीं है "स्ट्रोक" सामान्य शब्द है, जिसे मस्तिष्क के क्षेत्र में कम हुई ऑक्सीजन के प्रवाह के रूप में जाना जाता है।

तापघात के लिए कौन कौन सबसे अधिक संवेदनशील (जोखिम पर)  हैं।

शिशु व बुजुर्ग 
(अक्सर हृदय रोग, फेफड़े के रोग, किडनी रोग, या जो दवाएं ले रहे हैं जो उन्हें निर्जलीकरण और गर्मी के स्ट्रोक के लिए कमजोर बनाते हैं)
एथलीट्स
वे व्यक्ति जो बाहर काम करते हैं, और शारीरिक रूप से सूरज के नीचे खुद को लागू करते हैं
शिशुओं, बच्चों, या पालतू जानवर
जिनको बंद कमरों में छोड़ दिया गया हो व हवा के प्रवाह का उचित समाधान ना हो।

गर्मी के स्ट्रोक को कभी-कभी ऊष्मीय स्ट्रोक (ईएचएस, जो गर्म मौसम में अधिकता के कारण होता है) या गैर-विनाशकारी गर्मी स्ट्रोक (एनईएचएस) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जो कि चरम ताप पर होता है और बुजुर्गों को प्रभावित करता है,

हीट स्ट्रोक लक्षण क्या हैं?
हीट स्ट्रोक के लक्षण कभी-कभी दिल का दौरा पड़ने या अन्य स्थितियों जैसे शरीर शिथिल होना, श्वांस लेने में तकलीफ, की तरह हो सकता हैं। कभी-कभी कोई व्यक्ति गर्मी के स्ट्रोक होने से पहले गर्मी थकावट के लक्षणों का अनुभव करता है।


मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:-
जी मिचलाना,
उल्टी,
थकान,
कमजोरी,
सरदर्द,
मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द, और
चक्कर आना।
हालांकि, कुछ व्यक्ति अचानक और तेज़ी से बिना चेतावनी के हीट स्ट्रोक के शिकार हो जाते है।

अलग-अलग लोगों में अलग-अलग लक्षण और तापघात के संकेत हो सकते है। आम लक्षण और हीट स्ट्रोक के लक्षणों में शामिल हैं:
शरीर का उच्च तापमान, पसीने ना आना, त्वचा का गर्म लाल या फ्लशयुक्त होना, तेज पल्स, सांस लेने मे तकलीफ, अजीब सा व्यवहार, मतिभ्रम, उलझन, जी मिचलाना, उल्टी आना, और गहरी बेहोशी आदि।

बच्चों में गर्मी के स्ट्रोक के लक्षण क्या?
जबकि बुजुर्ग में हीट स्ट्रोक का सबसे बड़ा खतरा हैं। शिशुओं और बच्चों को भी जोखिम हैं। विशेष रूप से, शिशुओं या छोटे बच्चों को एक बंद कमरे में जिसमें हवा का उचित प्रवाह ना हो गर्मी से संबंधित बीमारी को जल्दी से बुलाने के समान है, क्योंकि बंद कमरे का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। कभी कभी, शिशुओं की तापघात से मृत्यु भी हो जाती है। बच्चों को ज्यादा कपड़ो में ना लपेटे। यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि माता-पिता को स्पष्ट सुरक्षा बंदिशों का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा बंद कमरों में उचित हवा के प्रबंधन का समुचित उपाय किया जाना चाहिए।

एथलीटों, बड़े बच्चों और किशोरों में, हीट स्ट्रोक या गर्मी से संबंधित बीमारी एक महत्वपूर्ण जोखिम है। जो गर्म पर्यावरण परिस्थितियों में प्रशिक्षण लेते हैं। भारत जैसे उष्ण कटिबंधीय देशों में एथलीटों को तापघात से संबंधित बीमारियों का ज्यादा सामना करना पड़ता है। फुटबॉल खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा सामना करना पड़ता है।

आप एक हीट स्ट्रोक पीड़ित का इलाज कैसे कर सकते हैं?
हीट स्ट्रोक के शिकार को तत्काल उपचार दिया जाना चाहिए। पहला और सबसे महत्वपूर्ण पीड़ित को शांत रखें।
पीड़ित को एक छायादार क्षेत्र में लेकर जाएँ। कपड़ों को हटा दें, त्वचा को ठंडे या गुनगुने पानी से मालिश करें (उदाहरण के लिए, आप किसी बगीचे में नल से ठंडा पानी लेकर पीड़ित व्यक्ति पर स्प्रे कर सकते हैं), पसीना और वाष्पीकरण को बढ़ावा देने के लिए पीड़ित को हिलाते डुलाते रहे, आइस पैक पीड़ित के बगल और गले के नीचे रखें।
यदि व्यक्ति तरल पदार्थ पीने में सक्षम है, तो उसे शीतल पेय दे। शीतल पेय पदार्थों में शराब या कैफीन शामिल न करें।

थर्मामीटर के साथ शरीर का तापमान मॉनिटर करें और शीतलन के प्रयासों को जारी रखें जब तक कि शरीर का तापमान 101 से 102 एफ (38.3 से 38.8 सी) तक न हो जाये।
हमेशा तत्काल आपातकालीन सेवाओं को सूचित करें, यदि उनके आगमन में देरी हो रही है, तो वे आपको पीड़ित के इलाज के लिए और निर्देश दे सकते हैं।

कैसे गर्मी स्ट्रोक को रोका जा सकता है?
हीट स्ट्रोक को रोकने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय निर्जलित होने से बचें। गर्म और आर्द्र मौसम में जोरदार शारीरिक श्रम करने से बचें।
यदि आप एक एथलीट है, और आपको गर्म मौसम में शारीरिक गतिविधियों का प्रदर्शन करना है, तो बहुत सारे तरल पदार्थ (जैसे कि पानी और स्पोर्ट्स ड्रिंक) पीना चाहिए, लेकिन शराब से बचें, और कैफीन (सॉफ्ट ड्रिंक और चाय सहित), जो निर्जलीकरण का कारण हो सकती है, से बचना चाहिए।
आपके शरीर को इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम) के साथ-साथ तरल पदार्थों की पुनःपूर्ति की आवश्यकता होगी यदि आप अधिक से अधिक पसीना करते हैं या लंबे समय तक तेज़ धुप में जोरदार शारीरिक श्रम करते हैं, तो अपने आप को हाइड्रेट करने के लिए लगातार विराम ले। टोपी पहनें और हल्के रंग, व ढीले कपड़े पहने।

आप की राय महत्वपूर्ण है। कृपया अपनी राय देने के लिए कमेंट बॉक्स का इस्तेमाल करें। क्या मालूम एक बेहतरीन सलाह किसी का जीवन बचा सके।

धन्यवाद !

Thursday, April 20, 2017

Hindu philosophy is a complete philosophy. हिन्दू दर्शन एक सम्पूर्ण दर्शन है।

हिन्दू दर्शन एक सम्पूर्ण दर्शन है।

Along with Hindi-speaking readers, non-Hindi-speaking readers will also be able to read and translate articles in their own language.

मेरा यह दृढ विश्वास है कि आज मानव जाति सभ्यता के बिल्कुल नए चरण में प्रवेश कर रही है, जिसका अत्यधिक महत्व है। इसे हम संक्रमण काल भी कह सकते हैं। इसके अलावा विज्ञान और तकनीक के आश्चर्यजनक विस्तार व फैलाव के कारण परिवर्तन की गति बहुत तेज हो गई है। जहाँ बड़े बड़े परिवर्तनों को होने में शताब्दियों का समय लग जाता था, उनको आज के परिप्रेक्ष्य में घटित होने में कुछ दशक लगते है। यहां तक ​​कि कुछ दशकों में हो रहे है। इसलिए नई परिस्थितियों से समन्वय स्थापित करने के लिए मनुष्य - चेतना को पर्याप्त समय नहीं मिल रहा है।

हालांकि विज्ञान और प्रौद्योगिकी इस प्रक्रिया का आधार है। विज्ञान व प्रौद्योगिकी मानव जाति के विकास व धार्मिक परंपरा में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। उसका प्रभाव करोड़ों लोगों के दिलों और मस्तिक पर पड़ता है। वास्तव में हिंदू धर्म में मेरी दिलचस्पी न केवल हिन्दू होने की वजह से है, अपितु ये एक सम्पूर्ण दर्शन है। दुनिया के कौने कौने से व सदियों से इस दर्शन को जानने के लिए लौग भारत की यात्रा करते है। मैंने ऐसा उदाहरण किसी दूसरे दर्शन या धर्म के प्रति नहीं देखा है, जहाँ स्वेछा से कोई इस प्रकार की रूचि रखता हो। बलात या हठ से लोगों का धर्म परिवर्तन करने के लिए जरूर देखा, सुना, पढ़ा है।  मेरा यह विश्वास है कि हिंदू धर्म का व्यापक पक्ष-विशेष रूप से वेदांत का-उभरती हुई विश्व चेतना में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। हालाँकि पढ़ने का पूर्ण अवसर तो अभी तक नहीं मिला है, लेकिन जितना पढ़ा उस आधार पर जो कुछ भ्रांतिया समाज में है, या हिन्दू धर्म के अनुयायी नहीं जानते उनके लिए एक छोटा सा प्रयास कर रही हूँ।

हिन्दू धर्म में 33 करोड़ नहीं 33 कोटि देवी देवता हैं। कोटि = टाइप देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते हैं।कोटि का मतलब प्रकार होता है। एक अर्थ करोड़ भी होता है। हिंदू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए यह बात उड़ाई गई है, कि हिन्दुओं के 33 करोड़ देवी देवता हैं, और अब तो हिन्दू स्वयं भी ये मान बैठे है, कि हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं।

कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैं हिंदू धर्म में: -

12 प्रकार है:-
आदित्य, धाता, मित, आर्यमा, शक्रा, वरुन, ऐंक्ष भाग, विवासावन, पूश, सविता, तवस्था, और विष्णु ...!

8 प्रकार हैं:-
वासु:, धरध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रतियुष और प्रभाष

11 प्रकार हैं:-
रुद्र:, हरभाउरूप, त्रियाम्बक, अपराजिता, बृषकापी, शन्भू, कपाड़दी, रेवत, मृगवीध, शर्वा, और कपाली।
                       और
2  प्रकार हैं :-अश्विनी और कुमार

कुल: - 12 + 8 + 11 + 2 = 33

अगर अपने कभी भगवान के आगे हाथ जोड़ा है। तो यह जानकारी अधिक से अधिक लोगो तक पहुंचनी चाहिए। अधिक से अधिक लोगों में बांटिये और इस कार्य के माध्यम से पुण्य के भागीदार बनें।

एक हिन्दू होने के नाते आपको ये जानना आवश्यक है। अब आपकी बारी है, कि इस जानकारी को आगे बढ़ाएँ।
अपने भारत की संस्कृति को पहचानें अधिक से अधिक लोगों तक शेयर करें। खासकर अपने बच्चों को बताएं
क्योंकि ये बात उन्हें कोई दूसरा नहीं बताएगा। 

(1) दो पक्ष-

कृष्ण पक्ष,
शुक्ल पक्ष!

(2) तीन ऋण -

देव ऋण,
पितृ ऋण,
ऋषि ऋण!

(3) चार युग -

सतयुग,
त्रेतायुग,
द्वापरयुग,
कलियुग, अभी हम जिस युग में जी रहे है वह कलियुग है।

(4) चार धाम -

द्वारिका,
बद्रीनाथ,
जगन्नाथ पुरी,
रामेश्वरम धाम!

(5) चारपीठ -

शारदा पीठ (द्वारिका)
ज्योतिष पीठ ​​(जोशीमठ बद्री नाथ )
गोवर्धन पीठ (जगन्नाथपुरी),
शृंगेरी पीठ!

(6) चार वेद-

ऋग्वेद,
अथर्ववेद
यजुर्वेद,
सामवेद!

(7) चार आश्रम -

ब्रह्मचार्य,
गृहस्थ,
वानप्रस्थ,
संन्यास!

(8) चार अंतःकरण -

मन,
बुद्धि,
चित्त,
अहंकार!

(9) पञ्च गव्य -

गाय का घी,
दूध,
दही,
गोमूत्र,
गोबर!


(10) पंच तत्व -

पृथ्वी,
जल,
अग्नि,
वायु,
आकाश!

(11) छह दर्शन -

वैश्यिकल,
न्याय,
सांख्य,
योग,
पूर्व मिमांसा,
दक्षिण मिमांसा!

(12) सप्त ऋषि -

विश्वामित्र,
जमदाग्नी,
भाड़वज,
गौतम,
अत्री,
वशिष्ठ और कश्यप!

(13) सप्त पुरी -

अयोध्या पुरी,
काशी या मथुरा पुरी,
माया पुरी (हरिद्वार),
कांची
(शिव कांची - विष्णु कांची),
अवंतिका और
द्वारिका पूरी !

(14) आठ योग -

यम,
नियम,
आसन,
प्राणायाम,
प्रत्याहार,
धारणा,
ध्यान और
समाधि!


(15) दस दिशाएं -

पूर्व,
पश्चिम,
उत्तर,
दक्षिणी,
ईशान,
दक्षिण पश्चिम,
वायव्य,
अग्नि
आकाश और
पाताल

(16) बारह महीना -

चैत्र,
वैशाख,
ज्येष्ठ,
आषाढ़,
श्रावण,
भाद्रपद,
अश्विन,
कार्तिक,
मार्गशिर्ष,
पौष,
माघ,
फाल्गुन!

(17) पंद्रह तिथियां -

प्रतिपदा,
द्वितीय,
तृतीया,
चतुर्थी,
पंचमी,
षष्ठी,
सप्तमी,
अष्टमी,
नवमी,
दशमी,
एकादशी,
द्वादशी,
त्रियोदशी,
चतुर्दशी,
पूर्णिमा व अमावस्या। (पंद्रह दिन में दोनों में से कोई एक आती है। )

(18) स्मृतियां -

मनु,
विष्णु,
अत्री,
हारीत,
याज्ञवल्क्य,
उष्ना,
अंगीरा,
यम,
आपस्टम्,
सबथ,
कातियन,
ब्रह्स्पति,
पराशर,
व्यास,
शांति,
लिखित,
दक्ष,
शताप,
वशिष्ठ!

आशा करती हूँ कि इस लेख, जिसमें मुंडकोपनीषद व वेदों से कुछ जानकारी एकत्र कर के आप तक पहुंचाने का प्रयास किया है, आप को अच्छी लगेगी। ये जानकारी इस महान धार्मिक परंपरा में रुचि रखने वाले समूह के सामान्य लोगों के लिए भी अर्थपूर्ण होगी। हिंदी भाषी पाठको के साथ साथ गैर हिंदी भाषी पाठक भी लेख को अपनी भाषा में अनुवाद करके पढ़ सकेंगे। Along with Hindi-speaking readers, non-Hindi-speaking readers will also be able to read and translate articles in their own language.

Monday, April 17, 2017

ये क्या हो रहा है कश्मीर में ? Valley on the boil.

ये क्या हो रहा है कश्मीर में ? 
पिछले चार पांच रोज़ से सोशल मीडिया पर एक वीडियो देख रही हूँ। हमारे कश्मीर में लोकतंत्र के महापर्व चुनाव को संपन्न करवाने के लिए भारत माता के कुछ वीर जवान अपने कर्तव्य निर्वहन के लिए जा रहे है। वहां के कुछ लफंगे, दिग्भर्मित युवक जिस तरह से उन के साथ चलते चलते उनको थप्पड़ मार रहे है, गालिया दे रहे है, उनका सामान छीन रहे है। हेलमेट फेंक रहे है। लातों से मार रहे है। देखकर खून उबलने की पराकाष्ठा को पार कर गया।
अपने घर में हम इतने लाचार ? वीडियो देखकर अपने आप पर गुस्सा आ रहा है। किस मजबूरी से वो जवान चला जा रहा है। उसके सिर पर मारा, उसने अपना टॉप ठीक किया फिर चलने लगा। उसके सामने से आकर किसी ने उसे जोर से लात मारी थोड़ा बचने का प्रयास किया लेकिन लात फिर भी लगी। लात लगने के बाद फिर चल दिया। लगता है कोई पिछले जन्म में पाप किया था, जिसकी सजा भुगतने के लिए सेना में भर्ती हुवा। उनके हाथों में शस्त्र हैं। लेकिन पैर कानून की बेड़ियों में जकड़े हुए है। मानवाधिकार की हथकड़ियाँ उनके हाथों में है।

जब से वीडियो देखा है, बड़ी बेचैनी है। क्या करूँ ? सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों की प्रतिक्रिया देखी। सब ने बहुत बढ़िया तरीके से मजमत की। हमने झंडे गाड़ दिए। फेसबुक पर खूब वाह वाह लूट रहे है। व्हाट्सअप पर मैसेज इधर से उधर भेजे जा रहे है। 400 लाइक्स , 500 लाइक्स , 200 कमेंट , मैडल मिल रहे है।

चमड़ी से बाहर आकर कोई बात नहीं कर रहा। कोई हिन्दुवादी संगठन क्यों आगे नहीं आ रहा? चलो कश्मीर ! कश्मीर चलो ! का नारा क्यों नहीं सुनाई दे रहा ? हड्डियों में पानी भर गया ? जमीर मर गया सब का ? किस हिंदुत्व की बात कर रहे हो ?

हिंदुस्तान जो आप आज देख रहे है, वैसा नहीं था। कंधार से लेकर जहाँ तक ब्रह्मपुत्र बहती थी, हिंदुस्तान वहां तक था। 5000 वर्ष पुराने हिंदुस्तान या भारत वर्ष का ये हाल हमारी चुप्पी की वजह से हुवा है। हमारे अपने रहनुमाओ के तुच्छ स्वार्थों की वजह से हम चुप है। अतीत में भी ये हुवा था, जिसका परिणाम सामने है। हम उन्हें कोसते रहते है, कि उनके होते हुए ऐसा कैसे हो गया ? आने वाली पीढ़िया हमें कोसेंगी। क्योंकि आज हम चुप है। हमारे रहते हो रहा है। कैसे एक जैसी (राज्य व केंद्र) जम्हूरियत के होते हुए किसी सिपाही को कोई थप्पड़ मार रहा है ? उनकी माओं ने इसलिए जन्म दिया था क्या ? क्या अपराध किया है उन्होंने ? उनका अपराध यही है क्या, कि फौज में भर्ती होने के लिए सुबह 4 बजे जागकर वो दौड़ने के लिए जाते थे। भर्ती होने के बाद सीमा पर सर्दी,गर्मी,बरसात मेँ वो खड़ा रहेगा। अपने बूढ़े माँ -बाप को घर में अकेला छोड़ कर इसलिए शायद की महीने के अंत में उसे कुछ रूपये मिल जायेंगे। छुटी आयेगा तो वो अपनी कोनसी बहादुरी के किस्से सुनाएगा ? और कितना लाचार बनाएँगे हम उन्हें ?

हमारे एक बेटे को वहां जेल में बंद कर रखा है। हमारे नेता सदन में बयां दे रहे है। हम सड़को पर पुतले फूंक रहे है। सोशल मीडिया पर बहस कर रहे है। सब अपने आप को देश भक्त जताने की कोशिश कर रहे है। एक्शन नहीं है। कहाँ है एक्शन ? मर गए वो जिनको उपाधिया मिली थी ? क्यों नहीं लौटा रहा कोई ? कहाँ गयी देश भक्ति ? ये इन्टॉलरेंस नहीं है क्या ? क्या परिभाषा है उसकी ?

कोई एक तो आगे आता और कहता कि मैं मेरा ये सम्मान भारत सरकार को लौटा रहा हूँ, क्योंकि कश्मीर में जो हो रहा है उसे में बर्दाश्त नहीं कर पा रहा हूँ।

कोई ये कहने के लिए आगे क्यों नहीं आ रहा की मैं मेरा ये सम्मान भारत सरकार को लौटा रहा हूँ क्योंकि पाकिस्तान जैसे देश को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा मेरी समझ से बहार है।

क्यों अमेरिका की तरफ देख रहे हो ? तुम क्यों नहीं कर देते आतंकवादी राष्ट्र घोषित ? मर जायेंगे क्या हम ? नहीं हम अभावो में जी लेंगे। लेकिन ये कर दो। हमें नहीं चाहिए पाकिस्तान का वो कपास। हमें नहीं चाहिए पाकिस्तान की वो प्याज।

हरे घास री रोटी ही जद, बनबिलावड़ो ल्ये भाज्यो।
नानौ सो अमरयो चीख पड्यो, राणा रो सोयो दुःख जाग्यो।।

महाराणा प्रताप के वंशज है, घास की रोटी खाकर जी लेंगे। लेकिन जिल्लत बर्दाश्त नहीं हो रही।

130 करोड़ है। पोखरण परिक्षण किया था हमने ? प्रतिबंध लगाए थे न ? मर तो नहीं गए न ? फिर क्यों किसी का मुँह ताक रहे है हम ? क्यों नहीं पार्लियामेंट में सर्वसहमती से रेजोलुशन पास कर रहे की पाकिस्तान आतंकवादी राष्ट्र है? देखते है कौन प्रतिबंध लगाता है? किस को अपनी दुकान बंद करवानी है ? कौन है, जो 130 करोड़ का बाजार छोड़ कर जा सकता है ? उनके बाजार बंद हो जायेंगे हमारे कारण। एक छोटी सी टिपण्णी का हवाला देना है यहाँ पर स्नेप चैट का। दो दिन में पखाने लग गए उसको।

हम कब तय करेंगे ? एक देश इतने खतरनाक इरादे रखता है तुम्हारे प्रति। और हम तय नहीं कर पा रहे है कि करना क्या है ? अगर राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थन के नाम पर लोगों का विश्वास जीत सकते हो तो फिर उन लोगोँ के विश्वास को कायम भी रखना पड़ेगा। करनी पड़ेगी कोई बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक। चुप बैठने का वक्त नहीं है। वक्तव्य नहीं एक्शन चाहिए। संकट गंभीर है, सामान्य ले रहे है, भूल कर रहे है।

मैं चुप रहूँगा, मैं आलोचना नहीं करूँगा। मैं विरोध नहीं करूँगा, क्योँकि अभी सरकार हमारे दल की है। सरकार किसी दल की नहीं होती। सरकार देश की होती है। सरकारें आती जाती रहेंगी। देश हमारे बाद भी है, सरकारों के जाने के बाद भी है। क्या विरासत छोड़ कर जायेंगे आने वाली पीढ़ी के लिए ? तुम्हे मलाल नहीं की आजादी के समय में ऐसा क्यों हो गया? तो अब चुप रहोगे तो क्या आने वाली नस्ल गुण गाएगी ?

कहाँ गए वो सगंठन कोई सेना, वाहिनी क्यों नहीं बनाता कश्मीर के लिए ? 5 लाख लोगों की सेना,वाहिनी कूच करेगी कश्मीर के लिए। तुम क्षत्रियों की धरती पर पैदा हुए हो। कब तक शीश मांगोगे इन क्षत्राणियों से ? या गौ वंश की रक्षा के साथ मानव धर्म भूल बैठे ?

अगर आज इन सैनिकों के साथ नहीं बोलोगे तो कौन अपने कलेजे के टुकड़े को सरहद पर मरने के लिए भेजेगा ?

पृथ्वीराज के वंशज नहीं हो क्या ? शिवाजी महाराज की जय अकेले महाराट्र में ही बोलोगे क्या ? तुम्हारी रगों में तात्या टोपे का खून नहीं दौड़ रहा है क्या ? क्या बिस्मिल आएंगे अब ? क्या भगत सिंह आएंगे अब ? कोई आज़ाद क्यों नहीं बन जाता ? क्या लक्ष्मी बाई का इंतजार कर रहे हो ?  तुम सब कायर हो। हाँ तुम सब कायर हो। अपनी अपनी बीवियों से चूड़ियां पहन लो और चूल्हा चौका संभाल लो।

जय हिन्द ! जय भारत ! 

Friday, April 14, 2017

वैशाख चौथ व्रत की कहानी। A story of Vaishakh Chturth.

कहानी सुने 

वैशाख चौथ व्रत की कहानी।
एक बुढ़िया माई थी। उसके गावलियो बचलियो नाम को बेटो हो। बुढ़िया माई बेटा के लिए बारह महीनों की बारह चौथ करती। बेटा जंगल से लकड़ी लाता, दोनों माँ बेटा उनको बेचकर गुजरा करते थे। बुढ़िया माई रोजाना लकड़ियों में से दो लकड़ी अलग रख लेती, और चौथ के दिन बेटा से छुपकर बेचकर सामान लेकर आती। फिर पांच चूरमा के पिंड बनाती। एक बेटा ने खिलाती, एक आप खाती, एक चौथ माता के चढाती व दो बांट देती। एक चौथ के दिन बेटा अपनी पड़ोसन के घर गया।  उसने चूरमा के लड्डू बना रखे थे। तो उसने पूछा कि, आज क्या है, सो थे चूरमा बनाया है। पड़ोसन बोली की मैंने तो आज ही बनाया है, तेरी माँ तो हर चौथ के दिन बनावे है। तुमको आज दिया था क्या? बेटा बोला दिया तो था ,पड़ोसन बोली की तुम लकड़ियां लेकर आते हो जिसमे से तेरी माँ छुपाकर बेचकर चूरमा बनावे है। बेटा माँ के पास गया। बोला की मैं  तो इतनी मेहनत से लकड़ियाँ लेकर आता हूँ, तुम चूरमा कर के खाती हो। तुम मुझको छोड़ दो या चौथ माता को। तो बुढ़िया बोली बेटा में तो तेरे लिए ही व्रत करती हूँ, सो तुमको भले ही छोड़ दूँ लेकिन चौथ माता को नहीं छोड़ सकती। तब बेटे ने घर छोड़ने का फैसला किया। तो माँ बोली की तुम जा तो रहे हो लेकिन मेरा हाथ का ये आखा लेकर जा तेरे ऊपर जो भी संकट आएगा चौथ माता के नाम पर इन्हे पोआर देना। संकट दूर हो जायेगा। बेटा ने सोचा की है तो झूटी बात लेकिन बात रखने के लिए ले लेवा। घर से चला थोड़ी दूर गया होगा और देखता है कि, खून की नदी बह रही है। किधर से भी रास्ता नहीं था। तब उसने माँ के दिए आखा पोआर के बोला कि, हे चौथ माता अगर ये नदी सुख कर रास्ता हो जाये तो तुम सच्ची हो। इतने में ही नदी सुख कर रास्ता हो जाता है। थोड़ा आगे चलने पर तो रात होने लगी और सुनसान जंगल आ गया। तब आखा पोआर कर बोला कि, हे चौथ माता मने रास्ता मिल जावे नहीं तो ये जानवर मुझे खा जायेंगे। इतने में ही रास्ता मिल गया। आगे एक राजा की नगरी में गया।  राजा हर महीने एक आदमी की बलि देता था। वह एक बुढ़िया के घर में गया तो देखता है कि, बुढ़िया माई रोटी बनाते हुए रो रही थी। तब उसने पूछा की माई तुम रो क्यों रही हो। बुढ़िया बोली की मेरे एक ही बेटा है, और आज वो राजा की बलि चढ़ जायेगा। मैं ये रोटी उसके लिए बना रही हूँ। वो बोला कि माई ये रोटी मुझे खिला दो। मैं तेरे बेटे के बदले चला जाऊंगा। माई बोली रोटी खिला दूंगी लेकिन तुझे कैसे भेज दूँ। उसने उसे रोटी खिला दी। रात में सोते समय बोला कि, राजा का बुलावा आये तो मेरे को जगा देना। आधी रात को बुलावा आया। बुढ़िया माई सोचने लगी की पराये पूत ने कैसे बलि चढ़ा दूँ। पर इतने में ही वह जग गया। और जाने लगा, और बुढ़िया माई से बोला की मेरी पोटली और लाठी रखी है। बुढ़िया माई सोची की आज तक ही कोई वापस नहीं आया। ये कैसे आएगा ? राजा का आदमी उसे साथ लेकर चला गया। वहाँ पर उसे कच्चे घड़े पकने वाले कुंड (आवा) में चुन दिया। जब वो चुना जा रहा था, तो उसने आखा पुआर कर कहा कि, हे चौथ माता दो संकट टाल दिये ये भी तुम ही टालो। इतने में आवा पक कर तैयार हो गया। दो तीन दिन बाद अावा के पास बच्चे खेल रहे थे। बच्चों ने खेल खेल में आवा पर कंकरी मारी तो उसमें से आवाज आयी। बच्चों ने राजा के आदमियों के पास जाकर कहा कि अावा पक गया। राजा के आदमियों ने सोचा कि छ महीने में पकने वाले आवा इतनी जल्दी कैसे पक गया। उन्होंने ये बात को बताई। राजा ने जाकर देखा तो सारे बर्तन सोना चांदी के कलस हो गए। वे बर्तन उतारने लगे तो अंदर से आवाज आई कि, धीरे धीरे उतारना अंदर मानस है। राजा ने सोचा की इसमें से पहले तो कभी कोई ऐसी आवाज नहीं आई। राजा ने पूछा की कोण हो तुम। तो उसने अंदर से ही कहा कि, में तो वो ही हूँ, जिसे अापने तीन दिन पहले इसमें चुनकर बलि ली थी। उन्होंने खोलकर देखा तो अंदर वो ही आदमी है, जिसे तीन दिन पहले उन्होंने इस अावा में चुनकर बलि चढ़ाया था।  उन्होंने सारी बात बताई। उसे महल ले जाया गया। राजा ने पूछा की तुम कोण हो, और बच कैसे गए? तो उसने कहा कि, मेरी माँ चौथ का व्रत करती थी, उसी की वजह से बच गया। तब राजा ने कहा की ये झूट है। इसकी परीक्षा लेनी होगी। राजा ने दो घोड़े मंगवाए। एक पर स्वयं चढ़ गया और दूसरे पर उसको चढ़ा दिया। उसके हाथों और पैरों में जंजीर डाल दी गयी। राजा ने कहा की अब अपन जंगल की तरफ चलते है, अगर ये जंजीरें खुल कर मेरे हाथ पैरों में आ जाएँगी तो तुम्हारी माँ की चौथ माता सच्ची है। थोड़ी दूर चलने पर ऐसा ही हो गया। राजा के हाथ पैरों में जंजीरें जकड़ गयी। फिर उस लड़के ने बड़ी मुश्किल से राजा को वापस राजमहल पहुँचाया और जाने लगा। तब राजा ने उसे रोकने के आदेश दिए। फिर राजा ने उसे अपनी बेटी के साथ विवाह करने के लिए कहा तो उसने सहर्ष स्वीकार कर लिया। राजा ने उसे वही महल में ही रहने के लिए अलग से सारे साधन उपलब्ध करवा दिए। वह राज काज में सहयोग करने लगा। कुछ महीनो बाद उसे घर की याद आेई। एक दिन मौसम बहुत ही खराब हो रखा था चारों और बिजलिया कड़क रही थी। उसे अपनी माँ की याद आयी। तो उसने अपनी पत्नी से कहा की आज तो बिजली मेरे गाँव की तरफ चमक रही है। तो उसकी पत्नी यानि राजा की  बेटी ने कहा कि, आप के गाँव भी है क्या? तो उसने बताया की हाँ। उसने अपनी माँ के बारे में बताया। फिर कहा कि गाँव चलेंगे। दूसरे दिन सुबह वे गाँव के लिए रवाना हुए तो राजा ने खूब सारा धन देकर उन्हें विदा किया। गाँव के समीप पहुँचने पर लोगों को पता चल गया। उसकी माँ से बुढ़ापे में लकड़ियां तो कटती नहीं थी इसलिए गोबर के उपले बनाकर उन्हें बेचकर जीवन यापन कर रही थी। वह उपले बीन कर ला रही थी, तो उसी पड़ोसन ने बतया की बुढ़िया माई तेरे बेटे बहु आ रहे है। तो उसने कहा की मेरे भाग्य में बेटे बहु कहाँ है ? एक बेटा था जिसे भी तुमने लगा भुजा के निकाल दिया। तो उसने कहा की में सच बता रही हूँ। विश्वास नहीं हो तो देख लो। बुढ़िया ने छत पर जाकर देखा तो सच में गाँव की तरफ एक लश्कर आ रहा था। घर आकर बेटे बहु ने पाँव छुए। बेटे ने कहा की माँ तेरी चौथ माता के प्रभाव से मैं आज जिन्दा हूँ। उसी दिन उसने पुरे गाँव में हरकारा करवा दिया की कल मेरे घर पर सामूहिक भोजन है। दूसरे दिन सबको भोजन करने के बाद खूब सारे उपहार देकर कहा चौथ का व्रत करे। चौथ माता जैसा उस बुढ़िया माई और उसके बेटे को संकट से बचाया वैसे सबको बचाना। पढ़ने वाले को, सुनंने वाले को, और फॉरवर्ड करने वाले को और उनके परिवार को।

कहानी सुने 

बिंदायकजी की कहानी 
एक बार गणेश जी वेश बदल कर एक चम्मच में दूध और अपनी मुठी में कुछ चावल लेकर घूम रहे थे। हर घर जाकर कह रहे थे, कोइ माई खीर बना दो। सब ने मना कर दिया कि इतने से खीर नहीं बनेगी। अंत में वह एक बुढ़िया के घर पहुंचा और बोला माई खीर बना दो। बुढ़िया हंस कर बोली पगले इतने से खीर कैसे बनेगी फिर भी में थाली बैठी हूँ, लाओ बना देती हूँ। वह छोटा बर्तन लेकर आई तो गणेश जी बोले माई बड़ा बर्तन चढ़ाकर बना, मैं गाँव में बुलावा देकर अाता हूँ। बुढ़िया माई ने सोचा बावला है, लेकिन उसका कहा कर देती हूँ। उसने बड़े बर्तन में खीर बनने के लिए चढ़ा दी। उधर गणेश जी कहकर चले गए। थोड़ी देर में खीर से पूरा बर्तन भर गया। बुढ़िया माई ने सोचा वो गाँव में बुलावे की कहकर गया है। पता नहीं बाद में खीर बचे या न। तो बुढ़िया ने अपने लिए खीर निकाल कर गणेश जी का नाम से भोग चढ़ा कर खाने लगी। इतने में ही गणेश जी आ गए। बुढ़िया बोली आ जावो खीर खा लो, तो गणेश जी बोले माई मैंने तो जब तुमने भोग लगते समय मुझे याद किया तब ही खा ली। अब पुरे गाँव को खिलावो। जब तक पूरा गाँव नहीं खा लेता तब तक तेरे भंडार में खीर खत्म नहीं होगी। ये कहकर गणेश जी चले गए। थोड़ देर में बुढ़िया घर के अंदर गई तो देखा की सारे बर्तन अनाज से भरे हुए है। सोना, चांदी, गहने, आभूषणों से पूरा घर भर गया। हे ! बिंदायक जी महाराज जैसा उस बुढ़िया माई को दिया सब को देना। पढ़ने वाले, सुनने वाले, कहने वाले व फॉरवर्ड करने वाले को और उनके परिवार को।

Wednesday, April 12, 2017

These recruitments are in the coming days.

Exam Alerts

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए आने वाले दिनों में कुछ महत्वपूर्ण परीक्षाओं का आयोजन होने जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से बैंक, इंश्योरेन्स, पॉवर सैक्टर, पुलिस, एस एस सी इत्यादि मुख्य है। 
1. 20 अप्रैल तक आवेदन 
(अ) नेशनल इन्शुरन्स कंपनी लिमिटेड  -- प्रशासनिक अधिकारी के लिए 205 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किये है। इच्छुक उमीदवार 20 अप्रैल तक आवेदन का सकते है। चयन प्रक्रिया में दो चरण होंगे। पहले चरण में 100 अंकों की प्रारम्भिक परीक्षा होगी और दूसरे चरण में मुख्य परीक्षा (200 अंकों के लिए वैकल्पिक और 30 अंक के लिए वर्णानात्मक परीक्षा) होगी। 

(ब) नेशनल सीड्स कारपोरेशन लिमिटेड -- विभिन्न पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किये हैं। 58 पदों पर भर्ती होगी। ऑफिसियल वेबसाइट www.indiaseeds.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है. आवेदन की अंतिम तिथि 15 अप्रैल है। 
(स) भारत हैवी इलेक्ट्रिक लिमिटेड  -- तिरुचिरापल्ली ने ट्रेड अप्रेंटिसशिप पोस्ट के लिए आवेदन आमंत्रित किये है। अप्रेन्टिशशिप पोर्टल भेल की वेबसाइट www.bheltry.co.in पर आवेदन करना होगा। 

(द) ओरियंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स --वित्तीय विश्लेषण विभाग के लिए विभिन्न पदों पर भर्ती निकली है। 120 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम तिथि 26 अप्रैल है। न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष से लेकर ऊपरी सीमा विभिन्न वर्ग के लिए अलग अलग है। सामन्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 600 रूपये एससी/एसटी/pwd आवेदकों के लिए 100 रूपये है। आवेदन www.obcindia.co.in पर लॉगिन कर के कर सकते है। 

2 दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल 
एस एस सी --द्वारा आयोजित दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा अब 7 से 10 दिसंबर के बीच ऑनलाइन मोड पर आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के लिए गत अक्टुम्बर में कुल 4772 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल की शारीरिक दक्षता परीक्षा के प्रवेश पत्र इसी माह जारी कर दिए जायेंगे, जो दिल्ली पुलिस की वेबसाइट से डाऊनलोड किये जा सकेंगे। 

स्टाफ सिलेक्शन कमीशन द्वारा मल्टी टास्किंग स्टाफ परीक्षा में आंशिक परिवर्तन किया गया है। इसमें एस एस सी के अनुसार, 30 अप्रैल, 14 मई, 28 मई, 04 जून, व 11 जून को देशभर में ऑनलाइन परीक्षा होगी जिसके प्रवेश पत्र 20 अप्रैल के बाद डाऊनलोड किये जा सकते है। 

बैंक परीक्षाओं के लिए मुख्य प्रबंधक तथा प्रबंधक पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकॉउंटेट्स ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित की जाने वाली सीए फाइनल परीक्षा,प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण होनी चाहिए। इसके आलावा उप-प्रबंधक पद के लिए दो वर्षीय पर्व कालिक एम् बीए फाइनेंस में उत्तीर्ण होना चाहिए। चयन ऑनलाइन लिखित वैकल्पिक परीक्षा व साक्षात्कार के आधार पर किया जायेगा। आवेदकों की संख्या कम होने पर भर्ती सीधे इंटरव्यू के आधार पर भी हो सकती है। इंटरव्यू अधिकतम 100 अंक का हो सकता है। 

परीक्षा की पूरी प्रक्रिया 
यदि आवेदकों की संख्या ज्यादा रहती है,तो IBPS मुंबई  द्वारा लिखित परीक्षा कराई जाएगी। इसके अधिकतम अंक 200 निर्धारित किये गए है। लिखित परीक्षा के साथ साक्षात्कार होने पर साक्षात्कार के अधिकतम अंक 50 ही रहेंगे। लिखित व सामूहिक न्यूनतम उत्तीर्ण सामन्य वर्ग के लिए 40 % हैं, तथा आरक्षित वर्ग के लिए 35 % रहेंगे। ऑनलाइन लिखित परीक्षा के सभी केंद्र दिल्ली,मुंबई,कोलकाता,चेनई,पुणे,जयपुर,वाराणसी,पटना,तथा भोपाल में ही होंगे। लिखित परीक्षा में कुल 5 विषयों से 200 प्रश्न पूछे जायेंगे। इसमें उत्तीर्ण अंक/प्राप्तांक/पूर्णाक 200 अंक होगा। इस प्रश्न पत्र को हल करने के लिए 2 घंटे का निर्धारित समय दिया जायेगा। जिसमें तार्किक अभियोग्यता या रीजनिंग के कुल 40 प्रश्न 40 अंक के होंगे लेकिन पूर्णाक 25 अंकों का होगा। सामान्य बैंकिंग सचेतता से प्रश्नो की संख्या 30 होगी। वहीं अधिकतम अंक 20 अंक होंगे। पेशेवर ज्ञान के लिए कुल 50 प्रश्न होंगे। अधिकतम अंक 75 होंगे। अंतिम विशेष संख्यात्मक अभियोग्यता या गणित से कुल 40 प्रश्न आएंगे। जो कुल 40 अंको के होंगे। अभ्यर्थीयों को सलाह है, की प्रश्नो का उत्तर देते समय सावधानी रखें। 

आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित वेबसाइट का अवलोकन करें। 

Thursday, April 6, 2017

आरक्षण का कैंसर और हम भारतीय।

आरक्षण 

आरक्षण का कैंसर और हम भारतीय।
एक छोटी सी स्टोरी पढ़ ले पहले।
एक 6'th क्लास का बच्चा
 अपने घर आकर
अपनी माँ से पूछता है :- "माँ ये SC और ST क्या हैं ?"

माँ :- बेटा,
ये तुम्हे क्यों जानना है ?

बच्चा :- माँ आज सर हमसे पूछ रहे थे
 की कौन-कौन SC ST का हैं

माँ :- बेटा उन्होंने ऐसा क्यों पूछा,
उन्होंने नहीं बताया क्या ?

बच्चा :- बताया पर सिर्फ इतना कि,
जो जो SC ST के हैं
उन्हें पैसे मिलेंगे,
पर माँ ये क्या होता हैं?

माँ :- बेटा
हमारे सविधान में
4 कास्ट बनायीं है --
SC, ST, Obc और General
तो सरकार ने गरीब और पिछड़े हुए लोगो को मदद करने के लिए सुविधा दी हैं।

बच्चा -: पर माँ
सिर्फ उन्हें ही क्यों मिलती हैं और
मेरा दोस्त तो गरीब भी नहीं हैं फिर
भी उसे मिलेगे पैसे,
ये सुविधा गरीब के लिए हैं तो
 हम भी गरीब है न तो
हमको क्यों नहीं मिलेंगे पैसे?

माँ :- बेटा ये सविधान में लिखा है।

बेटा :- पर माँ सविधान के बारे में कहा था की
 सबको एक जैसा हक़ है तो फिर ये क्यों ?

माँ :- बेटा
ये सब राजनीति का गन्दा खेल हैं
उनकी वजह से आज
धर्म और जाति के नाम पर लोग एक समान नही हैं

बेटा :- पर माँ हम क्या हैं,..? जिससे हम को पैसे नहीं मिलेगे

माँ :- बदनसीब,
हम लोग बदनसीब है बेटा
पूरे विश्व में कही पर
इस तरह का नियम नहीं है
बस हमारे भारत में है
ये सुविधा, सविधान निर्माता ने इसको सिर्फ 10 वर्ष के लिए रखा था
पर ये देश के दलालो ने इसको पूर्ण रूप से लागू कर दिया.

बेटा :- माँ क्या आगे भी
मुझे इसी तरह की दिक्कत होगी ?

माँ :- हाँ बेटा,
आगे तुझे पढ़ाई में,
नोकरी में, प्रमोशन में,
हर जगह दिक्कत आएगी,
 जातिवाद का जहर तुझे मजबूर कर देगा और
तू कितना भी सहन करले,
 एक दिन तू जरूर बोलेगा की ये कोटा बंद करो

बेटा :- माँ तो क्या हमारी मदद कोई नहीं करेगा,..?
 काश में भारत छोड़ कही और पैदा हुआ होता

माँ :- ऐसा नहीं बोलते बेटा
 इस धरती को
हमारे पूर्वजो ने खून से सींचा हैं और
बलिदान दिया है
तुम्हे गर्व होना चाहिए की तुम एक भारतीय हो,
बस ये सत्ता के भूखे लोग हमारी गरीबी दूर करने के बजाये वोट पाने की होड़ में हैं ।

बेटा :- माँ मेरा दोस्त बोलता हैं की पैसे मिलेगे तो पार्टी करेगे,
माँ हमें एक रोज की रोटी
बड़ी मुश्किल से मिलती हैं और
 मेरे दोस्त पार्टी करेगे,
माँ में नहीं जाउगा स्कूल कल से ।

माँ :- नहीं बेटा,
तुम रोज स्कूल जाओ और पढ़ो,
पढ़लिख कर शायद तुम इस व्यवस्था को बदल दो

बेटा :- हा माँ में खूब पढूंगा पर
 हमारे पास इतने पैसे नहीं हैं की आगे पढ़ सकूँ

माँ :- तू चिंता न कर, मैं काम करुँगी न तेरी पढ़ाई के लिए

काश यह इस देश के उन नेताओ तक पहुंचे जिन्होंने इस देश को आरक्षण रूपी दानव के मुँह में दखेल रखा है।


आपकी पहल
शायद किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति का
जीवन सुधार दे.....

अगर 40% नंबर पाने वाला
पुलिस अधिकारी बन जाता है और
80% नंबर पाने वाला
 रोजगार न मिलने के कारण चोर बन जाता है,
तब आप सोचिये,
क्या वो S.P साहब कभी उस चोर को पकड़ पायेगे जो
 उनसे जायदा दिमाग रखता है|

आरक्षण हटाओ,
देश बचाओ...

मेरी सपथ :- मैं रूपकला ओबीसी (जाति-जाट) मैं आरक्षण के लिए पात्र हूँ। लेकिन आज इस लेख के माध्यम से सबको बताना चाहती हूँ, कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ हूँ। इस व्यवस्था को बदलने के लिए सहयोग करने के लिए हमेशा तत्पर रहूंगी।

नोटः -फोटो गूगल से लिया गया है। किसी को आपत्ति हो तो बताएं हटा दिया जायेगा।



Tuesday, April 4, 2017

कल्पना कर ले कि ---सन 2035 का दृश्य ऐसा हो तो----------?

दृश्य 

दो मिनिट का समय निकाल कर पूरी पोस्ट को पढ़ लेना। बहुत समय से धर्म निरपेक्ष सहिष्णुता की बातें सुन रही हूँ। हिन्दू कट्रपंथियों व मुस्लिम कट्रपंथियों के बहुत से लेख पढ़े, विडियो देखे, ऑडियो सुने। कभी कभी इसकी तीव्रता पर मन से गाली भी निकली। दोनों के लिए गाली निकली। लेकिन जब कोई विचारधारा बार बार आप के सामने आती है, तो सोचने को मजबूर होना पड़ता है। इंसान की फितरत होती है, कोई विचार सामने आता है, तो उसे अपनी कसौटी के तराजू पर तौलता है। इतना कट्टर वाद कहाँ से आया ? फिर इतिहास के पन्ने पलटे देखा तो सारे इतिहासकार लगभग मुस्लिम। तो उन्होंने जो उस समय लिखा गलत तो नहीं लिखा होगा। तुम तो तब भी कट्टर थे। आज और भी कट्टर हो गए। आप एक हिन्दू राष्ट्र में रह रहे हो जिसकी रगों में सहिष्णुता का खून दौड़ रहा है। अगर हिंदुस्तान के 10 प्रतिशत हिन्दू भी तुम्हारी तरह कट्टर हो गए तो सोचो क्या हश्र होगा ? लेकिन डरना नहीं क्योंकि हमें विरासत में धर्मनिरपेक्षता मिली है। हम सहिष्णु है, इसलिए तुम कैसा भी लिख सकते हो। कैसा भी सुना सकते हो। कैसा भी दिखा सकते हो।

लेकिन हिन्दू अगर ये कल्पना कर ले कि ---सन 2035 का दृश्य ऐसा हो तो----------

कि देश में मुस्लिम आबादी 50 % हो गयी है, और आज केंद्र में आम चुनावों का परिणाम आया है। बहुजन समाज पार्टी के सहयोग से केंद्र में MIM जैसी पार्टी पहली बार सत्ता सम्भालने जा रही है। कोई ओवैसी जैसा नेता प्रधानमंत्री बनने जा रहा है।

छ महीने पहले पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीति से सन्यास ले चुके है।   

आज ओवैसी जैसे नेता के नेतृत्व में मुस्लिम सरकार बनते ही हिंदुस्तान को मुस्लिम राष्ट्र घोषित कर दिया गया है, जो की उनका मुख्य चुनावी वादा था।

देश में जगह जगह मंदिरों को तोडा जा रहा है। देश भर में मस्जिदों का निर्माण जोरों शोरों से चल रहा है।

उधर पाकिस्तान ने चीन से मिलकर भारत पर आक्रमण कर दिया है। सेना बॉर्डर पर मर रही है। इधर देश में गृह युद्ध चल रहा है।

कानून व्यवस्था पूरी मुस्लिम नेतृत्व के हाथों में है। हिन्दू जगह जगह सड़कों पर काटे जा रहे है।

(मारने वाले लोगों को याद आ रहा है, कि 2015 - 16 में वो मोदी को इसलिए गालियां दे रहे थे कि दाल महंगी है।)

झोपड़ पट्टी छाप कसाई बंगलों में घुसकर कब्ज़ा कर रहे है और बड़े बड़े घरों की बहु बेटियों को रखैल बनाया जा रहा है, या बाजारों में बेचा जा रहा है।

आज तक जिन हिन्दू नेताओं ने हिन्दुओ को धर्मनिरपेक्ष बनाये रखा था, उनमें से कई ने इस्लाम स्वीकार कर लिया है। कई अपनी हजारों करोड़ मूल्य की सम्पति लेकर विदेश चले गएँ है।

पर मिडिल क्लास और गरीब हिन्दू इन नर पिशाचों के बीच यहाँ खाया जा रहा है, उनकी बीवी, लडकिया रोड पर बलात्कार कर के मारी जा रही है, या रखैल बनायीं जा रही है। और लड़को को गिलीमा बनाया जा रहा है।

कैसा लगा ???
आत्मा कांप गयी पढ़ कर ही ????

ये तो कल्पना है। लेकिन हक़ीक़त में इतिहास उठाकर देख लो अगर ऐसा नहीं हुवा हो तो मुझे बताना। सब कहते है इतिहास अपने आप को दोहराता है।

ये सब कल्पना नहीं है---- मैं बताती तुम्हें याद नहीं है तो -----

लंबा इतिहास याद नहीं है तो 1990 में कश्मीर में बचे 3545 पंडितों को पूछ लो जनवरी 19, 1990 को 500000 कश्मीरी पंडितों के साथ उनकी बहु बेटियों के साथ क्या हुवा था???

मुर्ख मत बनो तुमको मोदी के रूप में एक हिन्दू प्रधानमंत्री मिला है, उसको काम करने दो। ऊँगली मत करो।

है कौन विघ्न ऐसा जग में, जो टिक सके आदमी के मग में,
ख़म ठोक ठेलता जब नर, पर्वत के जाते पाँव उखड।
मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है।।

भरा नहीं जो भावों से, बहती जिसमे रसधार नहीं।
हिन्दू नहीं वो गद्दार है , जिसको मोदी स्वीकार नहीं।।  

ये लेख सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं है ---- याद करो इतिहास को उन अंतिम हिन्दू सम्राटों को जिन्हें आज की तरह अपनों ने ही मोदी की तरह अकेला छोड़कर कितनी गलतियां की थी। महाराणा सांगा , हेमू विक्रमादित्य।

इतिहास उठाकर देख लो ! उस समय क्या हुवा था। मैं कोई अपने मन से नहीं लिख रही हूँ। सारा इतिहास मुगलों का लिखा हुवा है। और उन्होंने वो ही लिखा है, जो घटित हुवा था।

कभी पढ़ा है ये कि ----

मुगलों, चंगेजों, तुर्कों आदि ने हमारे हिन्दू पूर्वजों पर क्या अत्याचार किये थे ? नहीं, तो लो कुछ उदाहरण।

1. भूल गए उस काम पिपासु अल्लाउदीन को जिससे अपने सतीत्व की रक्षा के लिए रानी पद्मिनी ने 14000 स्त्रियों के साथ अपने आप को अग्नि कुंड के हवाले कर दिया था।

2. भूल गए उस जालिम औरंगजेब को जिसने संभाजी महाराज को इस्लाम स्वीकार न करने पर तड़पा तड़पा कर मार था।

3. भूल गए उस जिहादी टीपू सुल्तान को जिसने एक दिन में लाखों हिंदुओं का नरसंहार किया था।

4. भूल गए उस जल्लाद शाहजहां को, जिसने 14 वर्ष की एक ब्राह्मण बालिका के साथ अपने हरम में जबरन बलात्कार किया था।

5. भूल गए उस बर्बर बाबर को जिसने श्री राम का मंदिर तोडा और वहां पर आज के हिंदुस्तान का सर्व विवादित ढांचा खड़ा करने के लिए लाखों हिन्दुओ को मौत के घाट उतार दिया था।

6. भूल गए उस शैतान सिकंदर लोदी को जिसनें नगरकोट के ज्वालामुखी मंदिर की माँ दुर्गा की मूर्ति के टुकड़े टुकड़े करके कसाईयों को मांस तोलने के लिए दे दिया था।

7. भूल गए उस धूर्त ख्वाजा मोईनूदीन चिश्ती को जिसने संयोगिता के इस्लाम कुबूल न करने पर नग्न करके मुग़ल सैनिको के सामने फेंक दिया था।

8. भूल गए उस निर्दयी वजीर खान को जिसने गुरु गोविन्द सिंह के दोनों मासूम बच्चों को जिनकी आयु महज 7 वर्ष व 5 वर्ष थी, इस्लाम कुबूल न करने पर जिन्दा दीवार में चुनवा दिया था।

9. भूल गए बंदा बैरागी के साथ किये गए अत्याचार को जिसे इसी वजीर खान ने इस्लाम कुबूल न करने पर गर्म लोहे की सलाखों से तब तक दागा था जब तक की हड्डियां न दिखने लगी थी।

10. कैसे भूल गए उस अकबर को जिसने अंतिम हिन्दू सम्राटों के साथ कैसा अन्याय किया था। हेमू विक्रमादित्य के 72 वर्ष के बुजुर्ग स्वाभिमानी पिता को इस्लाम स्वीकार न करने पर सिर को धड़ से अलग कर दिया था।

11. भूल गए ओरंगजेब का वो अत्याचार जिसने धर्मवीर भाई मतिदास के इस्लाम कुबूल न करने पर बीच चौराहे पर आरे से चिरवा दिया था।

हम हिंदुओं पर हुए अत्याचारों को बताने के लिए शब्द और पन्ने कम है। पोस्ट को पढ़कर अगर आप का हिंदुत्व जग जाये तो कम से कम अपने मित्रों के साथ शेयर तो कर देना।

अगर किसी को इस पोस्ट को लेकर एतराज है, तो इतिहास उठा कर देख ले। मैंने बहुत मंथन के बाद ये लिखा है। मैंने आज के परिप्रेक्ष्य में ऐसे ऐसे विडियो संवाद देखे है, जिनमें मुस्लिम लड़कों के द्वारा खुले आम चुनोती दी जा रही है। इतनी हिमाकत ? तो फिर हिन्दू को जगाने के लिए गलत कर रही हूँ?  

1. एक भी हिन्दू सम्राट बता दो जिसने मुस्लिम महिला के साथ बलात्कार किया हो।
2. एक भी हिन्दू सम्राट बता दो जिसके शासन काल में मुस्लिमों का कत्ले आम हुवा हो।
3. एक भी राष्ट्र ऐसा बता दो जिसमें मुस्लिमों को इतनी आजादी है, जितनी भारत में है।
4. एक भी राष्ट्र ऐसा बता दो जिसकी हुकूमत अलग से हिन्दुओ को रियायत देती हो।
5. एक भी राष्ट्र ऐसा बता दो जहाँ अकेले मुस्लिम है और दंगे फसाद नहीं है।
इराक़, अफगानिस्तान,सीरिया,पाकिस्तान ताजा उदाहरण है, जहाँ पर हिन्दू अल्पसंख्यक है, या न होने के बराबर है। लेकिन वहां का हश्र देख लो। अरब देशों में जब तक हिन्दू है, आबाद है, जिस दिन इराक की तरह बैन लग गया तो हश्र देख लेना।   





    

   

Sunday, April 2, 2017

Top 10 exams in 2017. Banks, Educations, and more.

2017 की प्रमुख भर्ती परीक्षाएं। 
Exam-2017

1. IBPS PO EXAM 
बैंक परिवीक्षाधीन अधिकारी (पीओ) की नौकरी बैंकिंग क्षेत्र में एक अच्छे भविष्य के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।
एक बैंक पीओ पोस्ट एक प्रवेश स्तर की परीक्षा है। एक सहायक प्रबंधक के रूप में कार्य किए जाने या शाखा में शामिल होने से पहले आमतौर पर 2-वर्षीय परिवीक्षा अवधि या प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी। कार्यप्रणाली को सामान्य बैंकिंग और बैंकिंग प्रशासन कौशल की आवश्यकता है, समस्याओं को शांतिपूर्वक सुलझाने, लिपिक कार्य की देखरेख और बेहतर सेवाओं के साथ बढ़ते बैंक व्यवसाय के लिए अच्छे संचार कौशल की अवश्यकताओं को देखते हुए इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है।

ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होगा है: जुलाई से अगस्त 2017

आईबीपीएस पीओ (सीडब्ल्यूई VI) प्री- परीक्षा: अक्टूबर 2017

आईबीपीएस पीओ (सीडब्ल्यूई VI) मुख्य परीक्षा: नवंबर 2017

2. SBI PO EXAM
भारतीय स्टेट बैंक देश के दूरदराज के कोनों में शाखाओं के साथ एक विशाल बैंक है और प्रत्येक बैंकिंग आवश्यकता को पूरा करता है। विलय के बाद अब SBI बड़ी जिम्मेदारी के साथ अकेला समूह हो गया है। बड़ी भूमिकाएं और जिम्मेदारियों से यहां सीखने के ज्यादा अवसर पैदा होते हैं। शुरुआत में 2-वर्ष परिवीक्षा अवधि में अक्सर प्रशिक्षण और स्थानान्तरण शामिल हो सकते हैं। जॉब प्रोफ़ाइल में सामान्य बैंकिंग कार्यों, प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल होंगी, साथ ही एक विपणन फोकस के साथ, जो एसबीआई में मुख्य रूप से प्रमुख है।

ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होता है: अप्रैल 2017

एसबीआई पीओ प्रीमिअम परीक्षा: जून 2017


एसबीआई पीओ मुख्य परीक्षा: जुलाई 2017

3. IBPS SPECIALIST OFFICER 
आईबीपीएस से विशेषज्ञ अधिकारी भर्ती में अभी एक और नौकरी का मौका है। विशेषज्ञों का कहना है कि विशेषज्ञ अधिकारी, विशेष शैक्षिक पृष्ठभूमि के अनुसार विशिष्ट भूमिकाओं के लिए नियुक्त किए जाते हैं।

विभिन्न पदों के लिए कार्य प्रोफ़ाइल:

आईटी अधिकारी:                   बैंकों में सॉफ्टवेयर सिस्टम की देखभाल करना
विधि अधिकारी:                     बैंक के कानूनी और न्यायिक मामलों को संभालना
कृषि अधिकारी:                      कृषि उद्देश्यों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण को बढ़ावा देना
विपणन अधिकारी:                 बैंक के विपणन और ब्रांडिंग का ध्यान रखना
मानव संसाधन अधिकारी:       मानव संसाधन विभाग के कार्यों को संभालना
राजभाषा अधिकारी:                संबंधित कार्यों का अनुवाद करना

ऑनलाइन पंजीकरण हुवा था। : 16 नवंबर, 2016


आईबीपीएस एसओ (सीडब्ल्यूई VI) परीक्षा: 28, 29 जनवरी, 2017 को हुई।

4. SSC CGL
कर्मचारी चयन आयोग विभिन्न केंद्रीय नागरिक पदों और विभिन्न मंत्रालयों में रिक्तियों को भरने के लिए संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा (एसएससी सीजीएल) का संचालन करता है।

सीजीएल परीक्षा समूह बी और सी कैडर पदों के लिए आयोजित की जाती है। इस वर्ष जॉब प्रोफाइल में जो रिक्तियां आने की संभावनाएं हैं, वो नीछे दी गई है।

A.जांचकर्ता- (Inspector)
सामानों की पहुंच और जांचना, नमूने लेना, आयात और निर्यात कार्गो और लेवी के लिए शुल्क का परीक्षण करना। यह एक निरीक्षक पद है और पुरे समय बंदरगाह की नौकरी है।

B.सहायक सीएसएस- (Assistant CSS)
विभिन्न सरकारी कार्य फ़ाइलों को निपटाना पोस्टिंग दिल्ली में विभिन्न मंत्रालयों में होगी

C.निवारक अधिकारी- (Preventive Officer)
इस पद की पोस्टिंग फाइलों और कागजी कार्रवाई से निपटने के लिए होगी, जबकि क्षेत्रीय पोस्टिंग में संभावित तस्करों की तलाश रखने के लिए एक निरीक्षक अधिकारी के कामकाज की तरह शामिल होगा। यह एक निरीक्षक पद है

D.आयकर इंस्पेक्टर- (Income tax Inspectore)
मूल्यांकन और कर के गैर-मूल्यांकन से संबंधित कार्य, टीडीएस, साथ में छापे टीम के साथ केंद्रीय उत्पाद शुल्क निरीक्षक - केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सेवा कर में वृद्धि जैसे कार्य, कर चोरी आदि का पता लगाना विदेश मंत्रालय और सहायक-संभावित विदेशी पोस्टिंग में सहायक, साथ ही आकर्षक सुविधाएं जैसे आवास, बच्चों की शिक्षा आदि।
E.सहायक प्रवर्तन अधिकारी- (Central Excise Inspector)
क्षेत्रीय पोस्टिंग में कार्यकारी कार्य शामिल होंगे जैसे मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम, संदिग्ध व्यक्तियों और परिसरों पर आकस्मिक छापेमार कार्यवाही, भड़काऊ सामग्री इत्यादि। यह एक इंस्पेक्टर पद है जिसमें 24/7 कभी भी ड्यूटी के लिए बुलाया जा सकता है।

F.सीबीआई उप-निरीक्षक- (Sub-Inspector in CBI)
. एक निरीक्षक पद के नियमित कार्य शामिल होंगे। जब तक संदिग्ध खतरनाक स्थानों पर कार्य नहीं होगा तब तक हथियार जारी नहीं किए जाएंगे।

G.डाक निरीक्षक - (Inspector of Posts)
एक निर्धारित लक्ष्य के साथ डाक जीवन बीमा बेचना।

H.लेखा परीक्षक- (Auditor)
यह एक गैर-साक्षात्कार पद है, जिसमें सीएजी और सीजीडीए के विभागों के तहत भर्ती शामिल है।

आवेदन प्रपत्र जारी: 11 मार्च, 2017 से शुरू।

एसएससी सीजीएल टीयर 1 परीक्षा: 1 9 जून से 2 जुलाई, 2017


एसएससी सीजीएल टीयर 2 परीक्षा: 5 से 8 सितंबर, 2017

5. RBI GRADE -B
यह नौकरी आपको अर्थव्यवस्था के बारे में सीखने के अवसर, जैसे मुद्रास्फीति और भ्रष्टाचार,आईएमएफ, विश्व बैंक आदि के बारे में विस्तार से जानकारी देगा।

अर्हता प्राप्त करने के लिए आपको आरबीआई अधिकारियों द्वारा एक परीक्षा और एक साक्षात्कार पास करना होगा। उच्चतम पद, जो परीक्षा के माध्यम से भरे जा सकते हैं, आरबीआई ग्रेड बी के अधिकारी हैं- जो प्रबंधन कैडर के लिए एक प्रवेश परीक्षा है। गवर्नर पदों को केवल आईएएस अधिकारियों के लिए बुक किया जाता है

आवेदन प्रपत्र जारी: जुलाई, 2017 का दूसरा सप्ताह

आरबीआई ग्रेड बी चरण 1 और चरण 2: सितंबर 2017

6. LIC AOO
एक सहायक प्रशासनिक अधिकारी (एएओ) की नौकरी एक बहुत सम्मानजनक पद माना जाता है। एएओ पद के लिए प्रशासन, विकास और लेखा क्षेत्रों का चयन किया जा सकता है।

कार्य प्रोफ़ाइल में विभिन्न वित्तीय, प्रशासनिक और व्यक्तिगत सेवाओं को खरीदने और बनाए रखने, काम करने और खरीद फरोख्त करने और भुगतान के लिए बिलों की तैयारी और जांच करना शामिल है।

एएओ पद ग्रेड -1 के अधिकारी के समकक्ष का है। शुरुआत में 6 महीने की परिवीक्षा-सह-प्रशिक्षण अवधि लागू होगी। प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और निदेशक, प्रशासन आदि जैसे पदों पर गतिशील अधिकारियों को अच्छे कैरियर ग्रोथ के अवसर मिलेंगे।

विभिन्न क्षेत्रों के लिए जॉब प्रोफाइल:

A-प्रशासन एएओ- (Administration AAO)
नीति बनाने और नीति के दावों को संभालने, आधिकारिक रिटर्न दाखिल करना और उच्च क्षेत्रीय कार्यालयों को दिशा निर्देश देना, नियम और विवरण आदि की जांच करना।

B-विकास एएओ- (Development AAO)
 विपणन और व्यवसाय खरीद, नीति पदोन्नति, अनुबंध प्राप्त करना आदि।  लेखा एएओ- निगम की आय और व्यय का प्रबंध करना।

दिसंबर 2016 और जनवरी 2017 के बीच आवेदन फॉर्म भरे गए तथा एलआईसी एएओ परीक्षा: मार्च 2017 के पहले दो हफ्तों के भीतर हुई।

7. UPSC CIVIL SERVICES
प्रमुख सरकारी निर्णयों के पीछे सिविल सेवक मुख्य कर्मचारी के रूप में दिन रात कार्य करते है। पूरे देश में संघ और राज्य सचिवालयों और साथ ही जिला प्रशासन सिविल सेवा अधिकारी की अध्यक्षता करते हैं

सिविल सेवा अधिकारी सामान्य प्रबंधक हैं, जो कानून और व्यवस्था बनाए रखने, करों का संग्रह, राज्य और केन्द्रीय क्षेत्राधिकार के भीतर विकास कार्य, सामाजिक कल्याण गतिविधियों आदि को कार्यान्वित करने जैसे विभिन्न कर्तव्यों को पूरा करते हैं।

इसके तहत विभिन्न पदों पर भर्ती की जाती है।

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस)
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस)
भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस)
भारतीय डाक सेवा (आईपीएस)
भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवाएं (आईए और एएस)
भारतीय रेलवे सेवा (आईआरएस)
भारतीय नागरिक लेखा सेवाएं (आईसीएएस)
भारतीय सीमा शुल्क और जनरल एक्साइज सर्विसेज (आईसी और जीईएस)
भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी (आईआरएसओ)
भारतीय अध्यादेश कारखानों सेवा
भारतीय सूचना सेवा (आईआईएस)
अधिसूचना जारी करने की दिनांक : 22 फरवरी, 2017

यूपीएससी सिविल सर्विसेज प्री-परीक्षा: 18 जून, 2017

यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा: 28 अक्टूबर, 2017

8. IBPS CLERK & SBI CLERK
क्लर्क किसी भी नए आगंतुक या ग्राहक के लिए संपर्क के पहले बिंदु के रूप में कार्य करते हैं। 2016 से लिपिक पदों के लिए कोई साक्षात्कार नहीं है। बुनियादी छह महीने के प्रशिक्षण मुख्य काम से पहले होगा।
जॉब प्रोफ़ाइल में वापसी और जमा काउंटर पर काम करना शामिल है, चेक की जांच और मांग ड्राफ्ट, प्राप्तियां संग्रह, लेजर रखरखाव, बैलेंस मिलान और अन्य लेनदेन जारी करना जो कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज होना चाहिए। क्लर्कों को भी वित्तीय जिम्मेदारियों जैसे कि ऋण, जमा और योजनाओं जैसे विपणन जिम्मेदारियां लेने की आवश्यकता हो सकती है।

आईबीपीएस क्लर्क आवेदन पत्र जारी: अगस्त, 3 2017 के तीसरे सप्ताह

आईबीपीएस क्लर्क प्री परीक्षा: दिसंबर 2017

आईबीपीएस क्लर्क मुख्य परीक्षा: जनवरी 2018

एसबीआई क्लर्क आवेदन पत्र जारी: 1 अप्रैल, 2017 का पहला सप्ताह

एसबीआई क्लर्क प्री परीक्षा: मई की समाप्ति, 2017


एसबीआई क्लर्क मुख्य परीक्षा: 1 जुलाई, 2017 का पहला सप्ताह

9. RBB NTPC (INDIAN RAILWAYS)
यह देश के केंद्र सरकार का सबसे बड़ा विभाग है। हर साल कई पदों पर भर्ती की जाती है। स्नातकों के लिए सबसे अच्छा अवसर रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) एनटीपीसी (गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों) की परीक्षा होगी। भारतीय रेलवे ने एसईई, जेई और 2016-2017 के लिए गैर-तकनीकी स्नातक पदों के लिए विशेष भर्ती अभियान जारी किया है। रेल मंत्रालय और रेल भर्ती बोर्ड 1844 ग्रुप 'डी' रिक्तियों के लिए योग्य व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) से भी आवेदन आमन्त्रित किये है।

विभिन्न पद आरआरबी एनटीपीसी के तहत लागू होते हैं:
वाणिज्यिक अपरेंटिस (सीए)
आवागमन अपरेंटिस (टीए)
माल गार्ड
जूनियर एकाउंटेंट कम अमानुएंसिस (टंकिस्ट) (जेएए)
सहायक स्टेशन मास्टर (एएसएम)
वरिष्ठ क्लर्क सह टाइपकर्ता
यातायात सहायक
जांच के सह आरक्षण लिपिक
सीनियर टाइम कीपर
अधिसूचना जारी करने की दिनांक : जनवरी 2017


आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा: मार्च और अप्रैल के बीच, 2017

10. TET 
शिक्षकों की योग्यता भर्ती परीक्षा, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा, सरकारी स्कूलों में शिक्षा के सभी स्तरों के लिए किया जाता है, जो ऊपरी, मध्यम और साथ ही शिक्षा के निचले स्तर के लिए किया जाता है।
उम्मीदवारों को मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री का न्यूनतम होना चाहिए। पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री और डॉक्टरेट आपके प्रोफाइल के लिए एक अतिरिक्त लाभ होगा।

विभिन्न परीक्षाएं :

उत्तर प्रदेश टीईटी
हरियाणा टीईटी
सेंट्रल टीईटी
अरुणाचल टीईटी
राजस्थान टीईटी
सेंट्रल टीईटी


(नोट: दी गई परीक्षाओं की तारीख बदलना अतिसंवेदनशील विषय हैं। कृपया किसी भी महत्वपूर्ण तारीख को याद रखने के लिए आधिकारिक वेबसाइटों पर नजर रखें।)

धन्यवाद !