Thursday, April 6, 2017

आरक्षण का कैंसर और हम भारतीय।

आरक्षण 

आरक्षण का कैंसर और हम भारतीय।
एक छोटी सी स्टोरी पढ़ ले पहले।
एक 6'th क्लास का बच्चा
 अपने घर आकर
अपनी माँ से पूछता है :- "माँ ये SC और ST क्या हैं ?"

माँ :- बेटा,
ये तुम्हे क्यों जानना है ?

बच्चा :- माँ आज सर हमसे पूछ रहे थे
 की कौन-कौन SC ST का हैं

माँ :- बेटा उन्होंने ऐसा क्यों पूछा,
उन्होंने नहीं बताया क्या ?

बच्चा :- बताया पर सिर्फ इतना कि,
जो जो SC ST के हैं
उन्हें पैसे मिलेंगे,
पर माँ ये क्या होता हैं?

माँ :- बेटा
हमारे सविधान में
4 कास्ट बनायीं है --
SC, ST, Obc और General
तो सरकार ने गरीब और पिछड़े हुए लोगो को मदद करने के लिए सुविधा दी हैं।

बच्चा -: पर माँ
सिर्फ उन्हें ही क्यों मिलती हैं और
मेरा दोस्त तो गरीब भी नहीं हैं फिर
भी उसे मिलेगे पैसे,
ये सुविधा गरीब के लिए हैं तो
 हम भी गरीब है न तो
हमको क्यों नहीं मिलेंगे पैसे?

माँ :- बेटा ये सविधान में लिखा है।

बेटा :- पर माँ सविधान के बारे में कहा था की
 सबको एक जैसा हक़ है तो फिर ये क्यों ?

माँ :- बेटा
ये सब राजनीति का गन्दा खेल हैं
उनकी वजह से आज
धर्म और जाति के नाम पर लोग एक समान नही हैं

बेटा :- पर माँ हम क्या हैं,..? जिससे हम को पैसे नहीं मिलेगे

माँ :- बदनसीब,
हम लोग बदनसीब है बेटा
पूरे विश्व में कही पर
इस तरह का नियम नहीं है
बस हमारे भारत में है
ये सुविधा, सविधान निर्माता ने इसको सिर्फ 10 वर्ष के लिए रखा था
पर ये देश के दलालो ने इसको पूर्ण रूप से लागू कर दिया.

बेटा :- माँ क्या आगे भी
मुझे इसी तरह की दिक्कत होगी ?

माँ :- हाँ बेटा,
आगे तुझे पढ़ाई में,
नोकरी में, प्रमोशन में,
हर जगह दिक्कत आएगी,
 जातिवाद का जहर तुझे मजबूर कर देगा और
तू कितना भी सहन करले,
 एक दिन तू जरूर बोलेगा की ये कोटा बंद करो

बेटा :- माँ तो क्या हमारी मदद कोई नहीं करेगा,..?
 काश में भारत छोड़ कही और पैदा हुआ होता

माँ :- ऐसा नहीं बोलते बेटा
 इस धरती को
हमारे पूर्वजो ने खून से सींचा हैं और
बलिदान दिया है
तुम्हे गर्व होना चाहिए की तुम एक भारतीय हो,
बस ये सत्ता के भूखे लोग हमारी गरीबी दूर करने के बजाये वोट पाने की होड़ में हैं ।

बेटा :- माँ मेरा दोस्त बोलता हैं की पैसे मिलेगे तो पार्टी करेगे,
माँ हमें एक रोज की रोटी
बड़ी मुश्किल से मिलती हैं और
 मेरे दोस्त पार्टी करेगे,
माँ में नहीं जाउगा स्कूल कल से ।

माँ :- नहीं बेटा,
तुम रोज स्कूल जाओ और पढ़ो,
पढ़लिख कर शायद तुम इस व्यवस्था को बदल दो

बेटा :- हा माँ में खूब पढूंगा पर
 हमारे पास इतने पैसे नहीं हैं की आगे पढ़ सकूँ

माँ :- तू चिंता न कर, मैं काम करुँगी न तेरी पढ़ाई के लिए

काश यह इस देश के उन नेताओ तक पहुंचे जिन्होंने इस देश को आरक्षण रूपी दानव के मुँह में दखेल रखा है।


आपकी पहल
शायद किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति का
जीवन सुधार दे.....

अगर 40% नंबर पाने वाला
पुलिस अधिकारी बन जाता है और
80% नंबर पाने वाला
 रोजगार न मिलने के कारण चोर बन जाता है,
तब आप सोचिये,
क्या वो S.P साहब कभी उस चोर को पकड़ पायेगे जो
 उनसे जायदा दिमाग रखता है|

आरक्षण हटाओ,
देश बचाओ...

मेरी सपथ :- मैं रूपकला ओबीसी (जाति-जाट) मैं आरक्षण के लिए पात्र हूँ। लेकिन आज इस लेख के माध्यम से सबको बताना चाहती हूँ, कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ हूँ। इस व्यवस्था को बदलने के लिए सहयोग करने के लिए हमेशा तत्पर रहूंगी।

नोटः -फोटो गूगल से लिया गया है। किसी को आपत्ति हो तो बताएं हटा दिया जायेगा।